बागपत
जनस्वास्थ्य की ज़मीन से जुड़ी बातें

डॉ. सतेंद्र शर्मा से बातचीत
(MBBS, MD | प्रभारी – सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरूरपुर कला, बागपत)
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
प्रश्न 1: डॉ. शर्मा, सबसे पहले आप अपने और सीएचसी सरूरपुर कला (बागपत) की वर्तमान स्थिति के बारे में बताइए।
उत्तर:
मैं डॉ. सतेंद्र शर्मा, MBBS एवं MD हूँ और वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरूरपुर कला, जनपद बागपत का प्रभारी हूँ। यह केंद्र ग्रामीण क्षेत्र की बड़ी आबादी को प्राथमिक एवं द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराता है। हमारा प्रयास है कि क्षेत्रवासियों को बेहतर इलाज अपने ही इलाके में मिले।
प्रश्न 2: सीएचसी सरूरपुर कला में किन बीमारियों के मरीज अधिक आते हैं?
उत्तर:
यहाँ मौसमी बीमारियाँ—वायरल बुखार, डायरिया, टाइफाइड, त्वचा रोग, श्वसन संबंधी समस्याएँ—अधिक आती हैं। इसके अलावा ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ भी बढ़ रही हैं। महिलाओं में एनीमिया और गर्भावस्था संबंधी समस्याएँ प्रमुख हैं।
प्रश्न 3: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की क्या स्थिति है?
उत्तर:
गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुँचाया जा रहा है।
प्रश्न 4: ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे बड़ी चुनौती क्या मानते हैं?
उत्तर:
सबसे बड़ी चुनौती स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी है। लोग देर से अस्पताल आते हैं या गलत उपचार करा लेते हैं। इसके बावजूद सीमित संसाधनों में भी हमारी टीम पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।
प्रश्न 5: सरूरपुर कला और आसपास के लोगों के लिए आपका संदेश?
उत्तर:
बीमारी को छुपाएँ नहीं, समय पर डॉक्टर से संपर्क करें। टीकाकरण अवश्य कराएँ, साफ-सफाई रखें और संतुलित आहार लें। सरकारी अस्पतालों में अब पहले से कहीं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
प्रश्न 6: भविष्य में सीएचसी सरूरपुर कला, बागपत को लेकर आपकी क्या योजनाएँ हैं?
उत्तर:
हम जांच सुविधाओं को और बेहतर करने, विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार और डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं।
संवाददाता की टिप्पणी – सुरेंद्र मलानिया
सरूरपुर कला, बागपत जैसे ग्रामीण क्षेत्र में डॉ. सतेंद्र शर्मा का कार्य यह साबित करता है कि समर्पण और ईमानदारी से जनस्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती दी जा सकती है।


