गाजियाबाद
लोनी नगर पालिका की लापरवाही उजागर
शिकायतों के बाद भी डालें जा रहे हैं गोबर के ढेर, कालोनी में संक्रमण का खतरा बढ़ा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : स्वच्छ भारत मिशन के बड़े-बड़े दावों के बीच लोनी नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या 52 के राशिद नगर–रूप नगर क्षेत्र की जमीनी हकीकत सरकार और प्रशासन की पोल खोल रही है। यहां सफाई व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
क्षेत्र के सभासद राहुल अली ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि नगर पालिका के सफाई कर्मचारी इलाके से गोबर उठाकर निस्तारण करने के बजाय उसे उसी क्षेत्र की खाली पड़ी जमीन पर फेंक रहे हैं। यानी सफाई के नाम पर गंदगी को एक जगह से हटाकर दूसरी जगह ढेर जमा किए जा रहे है। इससे पूरी कॉलोनी बदबू और गंदगी की गिरफ्त में आ गई है।
कालोनी वासियों ने इस समस्या को लेकर नगर पालिका, उपजिलाधिकारी लोनी, एसआई राजकुमार और अनुबंधित कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों से लगभग दो दर्जन शिकायतें कीं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला। न तो गोबर डालने वालों पर कोई रोक लगी और न ही दोषी कर्मचारियों या कंपनी के खिलाफ कोई कदम उठाया गया।
हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि गलियों में गोबर के ढेर से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर संकट मंडरा रहा है। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सवाल उठता है कि जब सफाई कर्मचारी ही गंदगी फैलाएंगे तो आम जनता किससे उम्मीद करे?
प्रदेश सरकार का ‘स्वच्छ भारत मिशन’ यहां दम तोड़ता नजर आ रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद अनुबंधित कंपनी पर कार्रवाई न होना साफ इशारा करता है कि कहीं न कहीं सांठगांठ का खेल चल रहा है। क्या अधिकारियों के लिए जनता की सेहत से ज्यादा ठेकेदारों की मलाई अहम है?
लोगों का कहना है कि अगर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाता है या फिर गंदगी और भ्रष्टाचार के इस खेल पर यूं ही पर्दा डालता रहेगा।

