गाजियाबाद

मीरपुर हिंदू में डंपिंग ग्राउंड को लेकर बवाल, किसानों पर पुलिस का लाठीचार्ज

महिला व किसानों समेत कई  घायल , दो पुलिसकर्मी भी चोटिल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी। मीरपुर हिंदू गांव में प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान विरोध प्रदर्शन के लिए डंपिंग ग्राउंड स्थल पर पहुंच गए। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया, मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें रोकते हुए लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान भगदड़ मच गई और कई किसानों के घायल होने की सूचना है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
लंबे समय से जारी है विरोध
गौरतलब है कि मीरपुर हिंदू सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण अपनी जमीन पर बनाए जा रहे डंपिंग ग्राउंड का लगातार विरोध कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन जारी है। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच कई बार झड़प भी हो चुकी है। कुछ दिन पहले भी पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में भारतीय किसान यूनियन के हस्तक्षेप के बाद रिहा कर दिया गया था।
रविवार को फिर बढ़ा तनाव
रविवार को दोबारा बड़ी संख्या में महिला व पुरुष किसान डंपिंग ग्राउंड स्थल पर पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए अंदर जाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए गेट तोड़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने खेतों तक दौड़ाकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। किसानों का आरोप है कि निहत्थे महिला और पुरुष किसानों पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई गईं, जिससे कई लोग घायल हुए हैं।
पुलिस का पक्ष
एसीपी लोनी ने बताया कि ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र में कुछ लोगों ने डंपिंग ग्राउंड के सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। पुलिस ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर हल्का बल प्रयोग किया गया। उन्होंने महिला के घायल होने की बात को अफवाह बताया और कहा कि इस दौरान दो पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल भेजा गया है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बीकेयू पदाधिकारियों के पहुंचने की सूचना
समाचार लिखे जाने तक भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी गांव पहुंचने वाले थे। वे ग्रामीणों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस बल तैनात है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच यह विवाद किस दिशा में जाता है।
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