मेरठ
एमआईईटी के दीक्षांत समारोह में 1108 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान
तनु त्यागी को गोल्ड मेडल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। एमआईईटी में गुरुवार को भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ से संबद्ध पाठ्यक्रमों के कुल 1108 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। उद्घाटन एकेटीयू कुलपति प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडे,संस्थान के चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, कैंपस निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह, प्लेसमेंट डायरेक्टर आकांक्षा अग्रवाल,डीन डॉ संजीव सिंह और रजिस्ट्रार शिवपूजन सिंह ने संयुक्त रूप से किया। खालसा इंटर कॉलेज, मेरठ थापर नगर के छात्रों द्वारा प्रस्तुत बैंकपाइप बैंड की प्रस्तुति ने समारोह की शुरुआत की। कैंपस निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समारोह में बीटेक के 718, बी.फार्मा के 68, एम.बी.ए के 176, एम.सी.ए के 113, एम.टेक के 12 तथा एम.फार्मा के 21 विद्यार्थियों सहित कुल 1108 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की। कुलपति डॉ जे.पी. पांडे ने एमटेक (सीएसई) में विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर तनु त्यागी को गोल्ड मेडल तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रज्ञा जैन को सिल्वर मेडल प्रदान किया । इसके अतिरिक्त बीटेक कंप्यूटर साइंस की तन्वी बंसल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के दीपक शर्मा, एमबीए की मनीका कंसल, बायोटेक्नोलॉजी की प्रशस्ति एवं विक्षिका तथा एमसीए की नंदनी अग्रवाल को विश्वविद्यालय की टॉप-10 सूची में स्थान प्राप्त करने पर रैंक मेडल से सम्मानित किया जाएगा।
इस दौरान नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दीक्षांत एवं मनोहर को टेक्नोलॉजी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप, मोहित को सस्टेनेबिलिटी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप तथा सार्थक सिसोदिया को एक्सेसिबिलिटी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप अवार्ड प्रदान किया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडे ने छात्रों से आत्मविकास, निर्णय क्षमता और तकनीकी दक्षता को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया। उन्होंने उन्होंने रामचरितमानस के प्रथम श्लोक में गुरु की महिमा का विस्तार से वर्णन किया और कहा कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब तीसरे चरण में प्रवेश कर चुका है जहां वह स्वयं को स्वतः अपडेट करने में सक्षम है। यदि हमने समय रहते इस तकनीक को नहीं अपनाया, तो यह भविष्य में मानव भूमिकाओं की जगह लेने की क्षमता रखता है। कुलपति प्रो. जे.पी. पांडे द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में वीएलएसआई डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी तथा सेंटर फॉर ड्रोन टेक्नोलॉजी का भी उद्घाटन किया। दीक्षांत समारोह के उपरांत उद्योग-शैक्षणिक संवाद का आयोजन भी किया गया, जिसमें उद्योग जगत की चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन, मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन सहित मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स स्पोर्ट्स गुड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेवी व्हीकल तथा बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज गाजियाबाद के निदेशक डॉ अनिल कुमार सोलंकी,मेरठ इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ केएलए खान, प्राचार्य डॉ हिमांशु शर्मा मौजूद रहे।
इस दौरान नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दीक्षांत एवं मनोहर को टेक्नोलॉजी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप, मोहित को सस्टेनेबिलिटी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप तथा सार्थक सिसोदिया को एक्सेसिबिलिटी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप अवार्ड प्रदान किया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडे ने छात्रों से आत्मविकास, निर्णय क्षमता और तकनीकी दक्षता को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया। उन्होंने उन्होंने रामचरितमानस के प्रथम श्लोक में गुरु की महिमा का विस्तार से वर्णन किया और कहा कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब तीसरे चरण में प्रवेश कर चुका है जहां वह स्वयं को स्वतः अपडेट करने में सक्षम है। यदि हमने समय रहते इस तकनीक को नहीं अपनाया, तो यह भविष्य में मानव भूमिकाओं की जगह लेने की क्षमता रखता है। कुलपति प्रो. जे.पी. पांडे द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में वीएलएसआई डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी तथा सेंटर फॉर ड्रोन टेक्नोलॉजी का भी उद्घाटन किया। दीक्षांत समारोह के उपरांत उद्योग-शैक्षणिक संवाद का आयोजन भी किया गया, जिसमें उद्योग जगत की चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन, मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन सहित मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स स्पोर्ट्स गुड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेवी व्हीकल तथा बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज गाजियाबाद के निदेशक डॉ अनिल कुमार सोलंकी,मेरठ इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ केएलए खान, प्राचार्य डॉ हिमांशु शर्मा मौजूद रहे।


