
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
खैरथल -तिजारा । टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षकों ने राजधानी के रामलीला मैदान में टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले विशाल प्रदर्शन किया। इस दौरान लाखों की संख्या में शिक्षक एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई।
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह शिक्षकों के आत्मसम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों का एकत्र होना सरकार तक स्पष्ट संदेश पहुंचाता है कि अब उनकी मांगों को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने बताया कि इस विरोध रैली में राजस्थान के विभिन्न जिलों से हजारों शिक्षकों ने भाग लिया। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में शिक्षक बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचे।
अपने संबोधन में विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा कि जब शिक्षकों को कक्षा छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़े, तो यह स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक शिक्षा और गुणवत्ता के विरोध में नहीं हैं, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अनुभव को मान्यता देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20-25 वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के लिए अनुभव ही उनकी सबसे बड़ी योग्यता है।रैली में मौजूद शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया और कहा कि यह लड़ाई अभी शुरू हुई है, जिसे अंत तक ले जाया जाएगा। राजस्थान के संदर्भ में उन्होंने बताया कि करीब 80 हजार शिक्षक इस अनिवार्यता से प्रभावित हो रहे हैं।प्रदर्शन में राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री दीपक ठक्कर, अतिरिक्त महामंत्री अंजनी कुमार सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। खैरथल जिले से जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह, प्रदेश मंत्री जले सिंह यादव, जिला उपाध्यक्ष संतलाल, जिलामंत्री हरीश यादव, सुदामा चौधरी, अमरनाथ शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति रही।
नेताओं ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी।

