असम में आगामी शीतकालीन सत्र में ‘लव जिहाद’ और बहुविवाह पर ऐतिहासिक बिल पेश होगा
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने किया घोषणा।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को बताया कि राज्य की आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बिल पेश किए जाएंगे। इनमें ‘लव जिहाद’ को रोकने, पॉलीगेमी यानी बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने और वैष्णव संप्रदाय के आश्रमों की सुरक्षा से जुड़े कानून शामिल होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बिल सामाजिक और सांस्कृतिक चुनौतियों का समाधान प्रदान करेंगे और राज्य में कानून व्यवस्था को सशक्त बनाएंगे।सरमा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम ये बिल विधानसभा में लेकर आएंगे और बिल पारित होने के बाद विस्तार से जानकारी देंगे। फिलहाल, सभी प्रस्तावों का मसौदा राज्य कैबिनेट की मंजूरी के अधीन है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शीतकालीन सत्र अगले महीने शुरू होने की संभावना है, जो राज्य के आगामी 2026 विधानसभा चुनाव से पहले का अंतिम पूर्ण सत्र होगा।मुख्यमंत्री ने पिछले अगस्त में हिंदू और मुस्लिम समुदायों की जनसंख्या असंतुलन को लेकर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि राज्य का सामाजिक-सांस्कृतिक भविष्य इसी असंतुलन से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए पहले से पॉलीगेमी पर कई प्रशासनिक पाबंदियां लागू हैं, तथा अब इसे और कड़ाई से लागू किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नगांव जिले के बततद्रबा क्षेत्र की 27,000 महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना की पहली किस्त जारी करने की घोषणा कर महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ाने वाले प्रयासों को भी सफल बताया। इस तरह के विधायी कदम असम की सामाजिक संरचना को मजबूत करने के साथ-साथ सांस्कृतिक और पारंपरिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। असम सरकार ने इन मुद्दों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए इसे सामाजिक शांति एवं सांस्कृतिक संरक्षण का महत्वपूर्ण प्रयास बताया है।



