
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने आगामी बीएमसी चुनावों में त्रिशंकु विधानसभा की भविष्यवाणी करते हुए दावा किया कि एनसीपी के समर्थन के बिना कोई भी दल अपना मेयर नहीं बना पाएगा। उन्होंने भाजपा पर एआईएमआईएम को ‘बी टीम’ के रूप में इस्तेमाल करने और कांग्रेस पार्षदों से समर्थन लेने का भी आरोप लगाया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक ने सोमवार को आगामी बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में पार्टी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए दावा किया कि अन्यथा “त्रिशंकु” विधानसभा में पार्टी ही बहुमत तय करेगी। एएनआई से बात करते हुए नवाब मलिक ने कहा कि मैं शुरू से ही कह रहा हूं कि बीएमसी में त्रिशंकु विधानसभा होगी और एनसीपी की मदद के बिना कोई महापौर नहीं चुना जा सकेगा। इसलिए अगर कोई सोचता है कि चुनाव परिणाम बदलेगा, तो वह गलतफहमी में है।
पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम की तरह शरद पवार के गुट के साथ नहीं, बल्कि अकेले बीएमसी चुनाव लड़ने के बारे में पूछे जाने पर नवाब मलिक ने कहा कि पार्टी कार्यकतार्ओं की इच्छा थी कि वे अकेले चुनाव लड़ें। दोनों एनसीपी का विलय जब भी होगा, पवार साहब (शरद पवार) और अजीत दादा (अजित पवार) इस पर फैसला लेंगे। मैं विलय के समय पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन यह निश्चित है कि दोनों गुटों के कार्यकर्ता इच्छुक हैं और उम्मीद करते हैं कि दोनों एनसीपी एक साथ आएं।
अंबरनाथ और अकोला में क्रमश: कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ भाजपा के हालिया गठबंधन पर नवाब मलिक ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी, जिसमें एनसीपी भी शामिल है, की आलोचना की। उन्होंने कहा, अकोट (अकोला) में भाजपा ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करके इस बात को पुष्ट किया है कि भाजपा एआईएमआईएम को अपनी ‘बी टीम’ के रूप में इस्तेमाल कर रही है। इसी तरह, अंबरनाथ में भी भाजपा ने कांग्रेस पार्षदों को अपने साथ लिया, लेकिन हमने एनसीपी का समर्थन करना चुना। भाजपा, जो कांग्रेस-मुक्त भारत का दावा करती है, लेकिन उन्हीं कांग्रेस पार्षदों का समर्थन ले रही है।
यह ऐसे समय में हो रहा है जब महाराष्ट्र में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा रहा है। इन चुनावों में पुणे नगर निगम (पीएमसी), बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (पीसीएमसी) सहित राज्य भर की 29 नगर निगमों के लिए चुनाव होने हैं। मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना 16 जनवरी को निर्धारित है।



