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सीएम धामी ने घायलों का हाल जाना, पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता और हेल्पलाइन नंबर जारी

हरिद्वार : मनसा देवी मंदिर में भगदड़ से 6 लोगों की मौत और कई घायल हो गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घायलों से मुलाकात कर मुआवजे की घोषणा की और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि घटना की मजिस्ट्रियल जांच जारी है।
रविवार सुबह हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में हुई दुखद भगदड़ में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए हैं और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है।
मुख्यमंत्री धामी ने मृतकों के परिवारों के लिए ?2-2 लाख और घायलों के लिए ?50,000 की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। घटना में कुछ गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है।
भगदड़ का कारण: बिजली के करंट की अफवाह?
प्रारंभिक रिपोर्टों में भगदड़ का कारण एक टूटी हुई बिजली की लाइन के भीड़-भाड़ वाले रास्ते पर गिरने की अफवाह को बताया गया था। हालांकि, मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने इस बात से इनकार किया है कि यह बिजली के करंट की घटना थी। उन्होंने बताया, ‘मनसा देवी मंदिर तक जाने के तीन रास्ते हैं – रोपवे, वाहनों का रास्ता और हर की पौड़ी से सीधा एक प्राचीन रास्ता… यहां भारी भीड़ जमा होने पर पुलिस को सूचित किया गया, बैरिकेड्स लगाए गए, लेकिन फिर भी भीड़ ऊपर आ गई और कोई फिसल गया, जिसके कारण यह पूरी घटना घटी… जब मंदिर के अधिकारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे, तो हमने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज चल रहा है… यह बिजली का करंट लगने की घटना नहीं है, लेकिन ऐसा होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं… हम पीड़ित परिवारों की सहायता करेंगे।’
यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉपोर्रेशन लिमिटेड) के अधीक्षण अभियंता प्रदीप कुमार ने भी बिजली के करंट की संभावना को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘आज एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी जिसमें कुछ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हमें प्रारंभिक जानकारी मिली थी कि वहां करंट प्रवाहित हो रहा था। हम इस स्थान पर नियमित रूप से जांच करते हैं। यहां का पूरा सिस्टम इंसुलेटेड है… हमने पूरी जगह की अच्छी तरह से जांच की है, और कहीं भी बिजली के रिसाव का कोई संकेत नहीं मिला है। सिस्टम में कोई ट्रिपिंग या शटडाउन नहीं हुआ है, और अस्पताल ने बिजली के झटके का कोई मामला दर्ज नहीं किया है… यहां बिजली व्यवस्था पूरी तरह से सुरक्षित है।’
पीएम मोदी ने दुख व्यक्त किया- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताई हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता कर रहा है।
आपदा प्रबंधन के राज्य सचिव ने बताया कि दुर्घटना में मृतकों या घायलों की जानकारी प्राप्त करने के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर संपर्क करके जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार: 01334-223999, 9068197350 और 9528250926
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून: 0135-2710334, 2710335, 8218867005, और 9058441404

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