पाकुड़

पंचायत ज्ञान केन्द्र का हुआ भव्य उद्घाटन, ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल

Panchayat Gyan Kendra inaugurated with great pomp, an important initiative towards rural empowerment

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अन्तर्गत पाकुड़ जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में मुखिया द्वारा पंचायत ज्ञान केन्द्र का उद्घाटन किया गया। पंचायत ज्ञान केन्द्र का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को शिक्षा और ज्ञान के बेहतर अवसर प्रदान करना है। पाकुड़ जिले के शहरकोल पंचायत भवन में ज्ञान केन्द्र का उद्घाटन मुखिया विकास गोंड ने किया। इस अवसर पर मुखिया ने कहा कि ज्ञान केन्द्र में उपलब्ध पुस्तकों का अध्ययन कर युवा अपना भविष्य बना सकते हैं। वही चांदपुर पंचायत भवन में ज्ञान केन्द्र का उद्घाटन मुखिया पूर्णेंदु सरकार ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि गांव के बच्चों को भी शहरों जैसी सुविधाएं मिले। जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू ने बताया की ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, सूचना और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में पंचायत ज्ञान केन्द्र की स्थापना की जा रही है। यह केन्द्र पंचायत भवन में स्थित है और इसका लक्ष्य ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, कृषि संबंधी जानकारियों, स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल साक्षरता से जोड़ना है। उपायुक्त मनीष कुमार ने पंचायत ज्ञान केन्द्र की स्थापना को एक महत्वपूर्ण पहल बताया। कहा कि “यह केन्द्र सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि ग्रामीण उत्थान का प्रतीक है। यह हमारे गांवों को ज्ञान और सूचना से सशक्त करेगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के पहिये को तेज करने के लिए ऐसे और भी केन्द्र स्थापित किए जायेंगे। यह केन्द्र ग्रामीणों को निम्नलिखित क्षेत्रों में सहायता प्रदान करेगा।सरकारी योजनाओं की जानकारी: विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, किसान सम्मान निधि आदि की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना। डिजिटल साक्षरता: ग्रामीणों को कंप्यूटर और इंटरनेट का उपयोग सिखाना, जिससे वे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकें। कृषि एवं पशुपालन: आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और पशुधन प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्रदान करना। स्वास्थ्य एवं स्वच्छता: स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना। शैक्षिक सहायता: बच्चों और युवाओं के लिए शैक्षिक सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना। मुखियाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “यह केंद्र हमारे क्षेत्र के लिए एक वरदान साबित होगा। मुझे विश्वास है कि इससे हमारे युवा और किसान काफी लाभान्वित होंगे।” मुखियाओं ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस केंद्र का अधिकतम लाभ उठाएं और इसे अपनी प्रगति का माध्यम बनाये।

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