झारखण्ड में 24 दिसंबर को होगी विशेष अभिभावक/ शिक्षक बैठक, मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से की भागीदारी की अपील
Jharkhand to hold special parent/teacher meeting on December 24; Chief Minister appeals to public representatives for participation

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। झारखण्ड में गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा आगामी 24 दिसंबर को राज्यभर में विशेष अभिभावक–शिक्षक बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक के माध्यम से विद्यालयी शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए अभिभावकों से सुझाव लिए जाएंगे और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर विस्तृत चर्चा की जायेगी। इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं रुचि दिखाते हुए अपने अधीनस्थ मंत्रियों के साथ-साथ सभी सांसदों और विधायकों को पत्र लिखकर अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजित बैठकों में शामिल होने की अपील की है। मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विद्यालयों एवं पोषक क्षेत्रों से भली-भांति परिचित हैं। उनकी उपस्थिति में आयोजित होने वाली इस विशेष बैठक में छात्रों की नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक उपलब्धियां, मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम, विद्यालयों में अनुशासन एवं स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अभिभावकों के साथ सकारात्मक चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया है कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के कम से कम एक उच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यालय और एक आकांक्षी विद्यालय में बैठक में भाग लेकर शिक्षकों और अभिभावकों का उत्साहवर्धन करें। इधर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने विशेष अभिभावक–शिक्षक बैठक के सफल आयोजन को लेकर राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं। उनके अनुसार यह बैठक 19 दिसंबर से 24 दिसंबर तक विभिन्न चरणों में आयोजित की जायेगी। पहले चरण में 19 दिसंबर को मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा परिणाम, छात्र उपस्थिति, नामांकन, शिक्षक उपलब्धता एवं पीएम पोषण योजना के आधार पर चयनित 480 उच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यालय और 480 निम्न प्रदर्शन वाले आकांक्षी विद्यालय (कुल 960 विद्यालय) को छोड़कर राज्य के सभी विद्यालयों में बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। दूसरे चरण में 22 दिसंबर को जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, अनुमंडल एवं क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रत्येक जिले में न्यूनतम 20 विद्यालयों में बैठक में शामिल होना अनिवार्य किया गया है। तीसरे चरण में 23 दिसंबर को उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, एडीएम, एसडीओ सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को प्रत्येक जिले में कम से कम 10 विद्यालयों में बैठक में भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं। अंतिम चरण में 24 दिसंबर को चयनित विद्यालयों में आयोजित विशेष अभिभावक–शिक्षक बैठक में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। सरकार का मानना है कि इस व्यापक पहल से अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और राज्य में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आयेगा।



