सिंगरौली
बिजली उपभोक्ताओं के लिये सिर दर्द बना स्मार्ट मीटर, बिलों में बढ़ोतरी की आने लगी शिकायतें
संयुक्त संघर्ष मंच अन्य जिलों की तरह सिंगरौली में भी करेगा आंदोलन: बबलू सिंह

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर के खिलाफ उपभोक्ताओं का विरोध तेज हो गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल लगभग चार गुना अधिक आ रहे हैं जिससे आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ गया है। विधुत वितरण कंपनी ने हाल ही में पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगा रहा हैं लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर की गलत रीडिंग के कारण बिजली का उपभोग वास्तविक से अधिक दिखाया जा रहा है। कई लोगों ने यह भी शिकायत की है कि बिजली कट जाने के बाद भी मीटर रीडिंग चलता रहता है जिससे बिजली के बिल में अनावश्यक वृद्धि हो रही है।
आलम यह है कि नए स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को इतना झटका दे रहे हैं कि महीने के शुरूआत में ही भारी भरकम बिजली बिल देख उनके होश उड़ जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर के पूर्व जिन उपभोक्ताओं के घरों, दुकानों में पुराना मीटर लगा था। पहले मीटर 100 यूनिट से ज्यादा नही चल रहा था और घर में सिर्फ एक कूलर, पंखा, अधिकत्म 10-10 वॉट के वल्ब लगे हैं। लेकिन स्मार्ट मीटर इस तरह से भाग रहे हैं कि महीने में 100 यूनिट के स्थान पर 300 यूनिट चल रहे हैं। मीटरों के अंधाधुध रीडिंग के चलते देख उपभोक्ता परेशान हो जा रहे हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एमपीईबी अमला उपभोक्ताओं के जेब में इन दिनों डाका डालने का कार्य कर रहा है। समस्या से अवगत कराये जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी नजर अंदाज कर उल्टा बिजली की खपत ज्यादा होने की बात कर स्मार्ट मीटर में खराबी होने से इंकार कर दे रहे हैं। जबकि उपभोक्ताओं का कहना है कि एमपीईबी शहर के अधिकारी स्मार्ट मीटर की जांच कराये जाने के बजाए बिजली की खपत ज्यादा होने का आड़ लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। बैढ़न, बिलौंजी, ताली, गनियारी, नवानगर, विंध्यनगर सहित शहरी क्षेत्र के सैकड़ों उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि अप्रैल महीने के बाद से बिजली बिल होश उड़ा दे रहा है। इतना भारी भरकम बिजली बिल आ रहा है कि अब गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार द्वारा आगामी दिनों में बिजली बिल की अदायगी करना आगामी दिनों में काफी कठिन लग रहा है। सवाल उठाया जा रहा है कि अब प्रदेश सरकार की सोची समझी चाल है। स्मार्ट मीटर के आड़ में अन्य भरपाई कराकर प्रदेश का खजाना भर रही है।
बिना जानकारी के बदले जा रहे मीटर
जिला मुख्यालय में बिजली का नया मीटर लगाने वाला ठेकेदार बेगलाम हो गया है। जल्द से जल्द सबके मीटर बदल डालने की धुन में उपभोक्ताओं को बिना जानकारी दिए ही बिजली का पुराना मीटर निकालकर नया मीटर फिट कर देते हैं। ठेकेदार के कर्मचारी उपभोक्ता को बताने की जरूरत नहीं समझते कि उनका मीटर कब और क्यों बदला जाना है, जबकि सभी पुराने मीटर ठीक से काम कर रहे हैं। इस प्रकार की जबरदस्ती का आलम यह है कि कई लोग जब घरों से निकले तो उनके मीटर को खोलकर नया मीटर लगाया जा रहा था। पूछताछ करने के बाद बताया कि नये और स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। कई-कई ऐसे भी मोहल्ले हैं, जहां पर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है कि मीटर बदला जाना है, वहां भी किसी को बताने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। किसी उपभोक्ता से पूछे बिना उसकी बिजली तक नहीं बंद की जा सकती है। वह भी बिना किसी उचित कारण के लेकिन ठेकेदार ने कुछ लड़कों को जैसे खुला संरक्षण दे रखा है कि जैसी मर्जी काम करो और जल्द से जल्द सभी के मीटर बदल डालो का लक्ष्य है।
मीटर में खेल या ज्यादा बिजली की खपत….?
उपभोक्ताओं का कहना है कि नए मीटर जहां-जहां लग रहे हैं। उनके रीडिंग ही उस बात की बया कर रहे हैं कि इसमें कही बड़ा खेला तो नही है। या फिर अप्रैल महीने से लेकर जून महीने तक भीषण गर्मी के चलते बिजली की खपत हर जगह बढ़ गई थी। इसको नकारा नही जा सकता है। हॉ इतना जरूर बताया जा रहा है कि नए एवं पुराने मीटरों में कुछ न कुछ रीडिंग में अन्तर आ रहा है। इसके पीछे कारण क्या है।
संयुक्त संघर्ष मंच अन्य जिलों की तरह सिंगरौली में भी करेगा आंदोलन
स्मार्ट मीटर से आ रहे अनाप-शनाप बिलों को लेकर ज्ञानेन्द्र सिंह बबलू ने मुहिम छेड़ रखी है। उन्होंने बताया कि संयुक्त संघर्ष मंच लगातार इस पर विचार कर रहा है तथा लोगों से जनमत जुटा रहा है। वही लोगों से अपील किया है कि मंच अपने आंदोलन से पहले बिजली उपभोक्ता से आग्रह करता है की नियत तारीख़ को बिल जमा करने के पहले एक लिखित आवेदन और पूर्व मीटर का बिल साथ ही स्मार्ट मीटर का बिल मुख्य कार्य पालन यंत्री शहर एवं ग्रामीण को पत्राचार करे जाँच कराये तभी बिल भुगतान करे।
आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे ज्ञानेंद्र सिंह बबलू ने बताया कि अब तक प्रदेश के जाबरा सहित 35 जिलों में स्मार्ट मीटर को लेकर आंदोलन जारी है। सिंगरौली इस आंदोलन में शामिल होने वाला 36वां जिला होगा। मंच अपने आंदोलन की पहली रणनीति यही रखेगा, जिसके बिल अधिक आए हैं वह न तो बिल जमा करेगा और न ही बिजली काटने दी जायेगी। ऑटोमेटिक कट किए जाने की स्थिति में बिजली कार्यालय और अधिकारियों का जगह- जगह घेराव किया जायेगा।



