गोड्डा
मुट्ठी बांधे आया है, हाथ पसारे जाएगा : योगानंद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
पथरगामा। पथरगामा चिहारी पीठ में आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग प्रांतीय अधिवेशन में संत बाबा योगानंद जी महाराज ने अपने प्रेरणादायक प्रवचन से श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “मनुष्य को यह दुर्लभ देह कुछ अच्छा करने के लिए मिला है। जीवन का उद्देश्य केवल भोग नहीं, बल्कि लोककल्याण और आत्मकल्याण है। मनुष्य मुट्ठी बांधकर आता है और हाथ पसारकर जाता है। इसलिए जीवन में ऐसा कुछ कर जाओ, जिससे जाने के बाद भी लोग तुम्हें याद करें।” बाबा योगानंद जी महाराज के इन वचनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर सत्संग का लाभ उठाते रहे। कार्यक्रम के दौरान संत महात्माओं ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया और सत्संग की महिमा पर प्रकाश डाला।
मंच का संचालन स्थानीय सत्संग समिति के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। अधिवेशन में क्षेत्र के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचे और संत वचनों को सुनकर आत्मिक शांति का अनुभव किया।




