झारखण्ड स्थापना दिवस की रजत जयंती के पर करमाटांड में प्रखणड स्तरीय प्रतियोगिता सम्पन्न
Block level competition held in Karmatand on the occasion of Silver Jubilee of Jharkhand Foundation Day

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
करमाटांड (जामताड़ा)। झारखण्ड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती के अवसर पर प्रखंड संसाधन केंद्र, करमाटांड के तत्वावधान में राजकीयकृत गुलाब राय गुटगुटिया प्लस टू विद्यालय, करमाटांड में प्रखंड स्तरीय विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड के कई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बी पी ओ सावित्री किस्कू के नेतृत्व में क्विज़, निबंध, नृत्य, लोकसंगीत, ड्रामा एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में छात्रों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। क्विज़ प्रतियोगिता में वर्ग 6 से 8 के लिए उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालाझरिया लझरिया के सचिन मंडल तथा वर्ग 9 से 12 के लिए इसी विद्यालय के राजू पंडित विजेता बने। निबंध प्रतियोगिता में वर्ग 6 से 8 के लिए बुनियादी विद्यालय रामपुर की प्रीति कुमारी तथा वर्ग 9 से 12 के लिए उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालाझरिया की ज्योति कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नृत्य प्रतियोगिता में वर्ग 6 से 8 के लिए मध्य विद्यालय झुमका देवी की प्रियंका दत्ता एवं समूह ने प्रथम स्थान हासिल किया। पेंटिंग प्रतियोगिता में वर्ग 6 से 8 के अंतर्गत पीएम उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिंडारी की प्रीति कुमारी तथा वर्ग 9 से 12 वर्ग में गुलाब राय गुटगुटिया प्लस टू विद्यालय करमाटांड की कविता कुमारी विजेता रही। प्रतियोगिताओं के सफल संचालन के लिए प्रखंड संसाधन केंद्र के समन्वयक सर्किल मरांडी के द्वारा निर्णायक मंडली का गठन किया गया था। क्विज़ प्रतियोगिता के निर्णायक थे कि विद्या सागर, गोपाल मंडल एवं अवधेंद्र प्रताप सिंह। निबंध प्रतियोगिता के निर्णायक – खुर्शीद अनवर, दिनेश राणा एवं धर्मेंद्र कुमार। नृत्य, गायन, ड्रामा एवं लोक संगीत प्रतियोगिता के निर्णायक – नीलम सिंह, जयंती रानी मंडल एवं कुमारी उर्मिला। जबकि पेंटिंग प्रतियोगिता के निर्णायक- बाबोनी बास्की, रियाज अहमद एवं राजेश कुमार रहे। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार एवं शिक्षकों ने विजेताओं को सम्मानित किया तथा छात्रों को झारखण्ड राज्य के विकास में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा दी। पूरे आयोजन में उत्साह और अनुशासन का सुंदर संगम देखने को मिला।


