
देश-दुनिया के प्रख्यात साहित्यकार, कलाकार और पत्रकार जनरल बिपिन रावत शहीद पार्क में करेंगे वैचारिक विमर्श
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। बुन्देलखण्ड की सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक विरासत को वैश्विक पटल पर नई पहचान देने के उद्देश्य से बुन्देलखण्ड लिटरेचर फेस्टिवल (बीएलएफ) का पांचवां संस्करण आगामी 06 से 08 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। झांसी के जनरल बिपिन रावत शहीद पार्क में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय उत्सव कला, साहित्य, लोक संस्कृति, सिनेमा और पत्रकारिता के बहुआयामी संवाद का साक्षी बनेगा।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होगा भव्य शुभारंभ
फेस्टिवल का आगाज शुक्रवार को आचार्य अंशुल नायक द्वारा संपन्न कराए जाने वाले वैदिक मंगलाचरण से होगा। उद्घाटन सत्र में पद्मश्री मालिनी अवस्थी, दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन प्रो. बलराम पाणि, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय, झांसी मंडल आयुक्त विमल कुमार दुबे और चर्चित पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध बुन्देलखण्ड की सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की दिशा पर अपने विचार साझा करेंगे।
कला, सिनेमा और डिजिटल कंटेंट पर चर्चा
तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में पंचायत वेब सीरीज के अभिनेता फैजल मलिक, अभिनेत्री निधि बिष्ट, फिल्म निर्देशक तरुण डुडेजा और कास्टिंग डायरेक्टर अनमोल आहूजा डिजिटल युग की चुनौतियों और सिनेमा के बदलते स्वरूप पर संवाद करेंगे। इसके अलावा, पद्मश्री शोभना नारायण कथक की साधना और मूर्तिकार अभिषेक कुमार सिंह कला के विभिन्न आयामों को रेखांकित करेंगे।
बुन्देली लोक कला का दिखेगा जादू
आयोजन में क्षेत्रीय लोक कलाओं को विशेष स्थान दिया गया है। बुन्देली लोक गायिका साक्षी पटेरिया, आल्हा गायक जितेन्द्र चौरसिया और कवि विदित नारायण बुधौलिया लोकस्मृति को जीवंत करेंगे। समापन के अवसर पर ‘पर्ल्स ऑफ बुन्देलखण्ड’ सम्मान समारोह आयोजित होगा, जिसमें क्षेत्र की विशिष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
विविध विषयों पर वैचारिक सत्र
फेस्टिवल के दौरान काशी की ज्ञान परंपरा, भारत की विदेश नीति में धार्मिक पर्यटन, जनजातीय विमर्श, और खेल जगत से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा होगी। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, संयुक्त सचिव (विदेश मंत्रालय) अंजु रंजन, अर्जुन अवॉर्डी रचना गोविल और कर्नल सुकेश वर्मा (शौर्य चक्र) जैसे प्रतिष्ठित वक्ता शिरकत करेंगे।
क्षेत्रीय संस्कृति को मिलेगा वैश्विक मंच
आयोजकों के अनुसार, इस फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य बुन्देलखण्ड की माटी से जुड़े विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और झांसी को साहित्य व संस्कृति के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। आयोजन में देश भर से आने वाले शिक्षाविद, लेखक और युवा रचनाकार हिस्सा लेंगे।



