मथुरा
जैत के पौराणिक महत्व की अनदेखी कर रहा है एनएचएआई, विजय सिंघल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। रोम जल रहा है और नीरो वंशी बजा रहा है यह कहावत एनएचएआई पर सटीक बैठती है। काफी लंबे अरसे से जैत में एलिवेटेड फ्लाईओवर की मांग उठ रही है, दिन-रात लोग अकाल मौत के शिकार बन रहे और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण चैन की नींद में सो रहा है, बेपरवाह बना हुआ है। यहां के पौराणिक महत्व की अनदेखी कर रहा है, जबकि देश-विदेश के सनातनी वर्ष भर तीर्थाटन के लिए आते हैं तो वहीं बृज चौरासी कोस यात्रा के काफिले में शामिल बस, कार आदि सैकड़ों वाहनों को मजबूरन विपरीत दिशा में चलना पड़ता है। एलिवेटेड फ्लाईओवर ब्रिज के लिए संघर्षरत वरिष्ठ पत्रकार विजय सिंघल ने कहा, कि हम वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं लोग अकाल मौत मर रहे हैं, परंतु जैत के एलिवेटेड फ्लाईओवर को स्वीकृत कराने में एनएचएआई रूचि क्यों नहीं ले रहा है? सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंत्रालय से स्वीकृति दिलवाना तो दूर की बात है ग्रामीणों की मांग के अनुरूप उत्तर प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम जैत के एलिवेटेड फ्लाईओवर का प्रस्ताव ही तैयार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा है कि लोकप्रिय सांसद श्रीमती हेमा मालिनी के हम आभारी हैं जिन्होंने हमारा ब्रेनवाश करके हमें मरने से बचा लिया। उन्हीं की बदौलत हम एलिवेटेड फ्लाईओवर के लिए गांधीवादी तरीके से अनवरत संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया है कि फ्लाईओवर निर्माण में जैत के पौराणिक महत्व की अनदेखी के दूरगामी दुष्परिणाम सामने आएंगे और जो हालात आज पडौसी गांव छटीकरा में हो रहे हैं, वही विकराल समस्या जैत में हो जाएगी। छटीकरा के वृंदावन चौक पर फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण के समय यदि एनएचएआई ने दूरदर्शिता दिखाई होती तो छटीकरा के हालात खराब नहीं होते, यहां भी छटीकरा के पौराणिक महत्व को नजरंदाज किया गया था। इसीलिए हम बार-बार जिम्मेदार अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से गांधीवादी तरीके से जैत के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। एनएचएआई और जिला प्रशासन लोगों के आक्रोश को हल्के में लेने की ऐतिहासिक भूल कर रहा है। सुलगती चिंगारी कभी भी ज्वाला बन सकती है। उन्होंने बताया है कि जैत में राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग तीन किलोमीटर आबादी क्षेत्र से गुजरता है जिसमें पीली कोठी से लेकर पुलिस स्टेशन तक छह लिंक मार्ग क्रासिंग हैं। इसीलिए जैत में एलिवेटेड फ्लाईओवर ही एकमात्र समस्या का समाधान है।



