गाजियाबाद
6 दिसंबर को राष्ट्रीय एकता व सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाए – जय भगवान गोयल
यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट ने शाहदरा में मनाई बाबरी ढांचा हटने की 33वीं वर्षगांठ

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी दिल्ली : शाहदरा मुख्य चौक स्थित यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट कार्यालय के सामने सोमवार को बाबरी ढांचा हटने की 33वीं वर्षगांठ समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘हिन्दू एकजुटता संकल्प दिवस’ थीम पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राष्ट्रवादी शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जय भगवान गोयल उपस्थित रहे।
श्री गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि 6 दिसंबर 1992 का दिन भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जन्म का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है और श्रीराम मंदिर निर्माण देश के करोड़ों सनातनियों की आस्थाओं को सम्मान दिलाने वाला ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और लगभग 65 प्रतिशत युवा आबादी देश की शक्ति और भविष्य की नींव है। श्री गोयल ने कहा कि इतिहास में हर बड़े परिवर्तन में युवाओं की मुख्य भूमिका रही है और आज भी राष्ट्रहित में युवा वर्ग को जागरूक और संगठित होने की आवश्यकता है।
युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि वर्तमान समय में विभिन्न विश्वविद्यालय और शिक्षा संस्थानों में ऐसे तत्व सक्रिय हैं जो युवाओं को देशविरोधी विचारधाराओं की ओर मोड़ने का प्रयास करते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे जाति, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित व सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए सजग, राष्ट्रवादी और संगठित बने रहें।
अपने वक्तव्य में उन्होंने भारत के इतिहास में प्रेरणादायी बाल-वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म और राष्ट्र की रक्षा में वीर हकीकत राय, गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों सहित अनेक बाल नायकों के योगदान को देश सदैव याद रखेगा।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों को शॉल और प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया तथा उपस्थित लोगों के लिए सहभोज का आयोजन भी हुआ।
इस अवसर पर अनेक धार्मिक संत व सामाजिक नेता उपस्थित रहे, जिनमें महामण्डलेश्वर श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी जी महाराज, पीतांबरा पशुपति पीठाधीश्वर डॉ. गोरी शंकराचार्य जी महाराज, जगदगुरु स्वामी सदानंद पशुपति जी महाराज, महंत स्वामी श्रीश्याम गिरी जी महाराज सहित कई संत और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल थे।
कार्यक्रम में मनदीप गोयल, धर्मेंद्र बेदी, अवध कुमार, गोरी साहू, भारत बागड़ी, काजल वर्मा, ओमवती, प्रतिभा सिंह, मालती सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।
