गाजियाबाद
नैपियर ग्रास बैंक योजना : सालभर हरे चारे की उपलब्धता के लिए बड़ी पहल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गाजियाबाद : दुधारू पशुओं को सालभर हरा चारा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग ने नैपियर ग्रास बैंक योजना की शुरुआत की है। यह योजना विशेष रूप से किसानों, पंजीकृत गोशालाओं, गो-आश्रय स्थलों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों व स्वयंसेवी संस्थाओं को लाभान्वित करेगी। योजना का मुख्य लक्ष्य हरे चारे की कमी को दूर करना तथा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
योजना के तहत लाभार्थी के पास कम से कम 0.2 हेक्टेयर सिंचित भूमि होना अनिवार्य है।
गो-आश्रय स्थलों के लिए टैग्ड गोचर भूमि, एलएमसी भूमि तथा शत्रु संपत्ति को प्राथमिकता दी जाएगी।
क्या मिलेगा लाभार्थी को?
भूमि की तैयारी के लिए ₹4000 की आर्थिक सहायता
निःशुल्क नैपियर घास की जड़ें
अनुसूचित जाति की महिला लाभार्थियों को विशेष प्राथमिकता
अगले वर्ष लाभार्थी को दोगुनी जड़ें वापस करनी होंगी, ताकि अन्य इच्छुक किसानों तक भी योजना का लाभ पहुंच सके
योजना का उद्देश्य
नैपियर घास उच्च उत्पादन वाली बहुवर्षीय घास है, जो तेजी से बढ़ती है और पशुओं के लिए पौष्टिक चारे का महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती है। नैपियर बैंक स्थापित होने से:
चारे की कमी दूर होगी
पशुपालकों की लागत कम होगी
दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी
गो-आश्रय स्थलों के प्रबंधन में सुधार आएगा
पशु चिकित्सा अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी गाजियाबाद के अनुसार जिले के सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को योजना की विस्तृत जानकारी दे दी गई है, तथा उन्हें अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग आने वाले महीनों में ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाएगा।
कहां करें संपर्क?
योजना से संबंधित अधिक जानकारी या आवेदन हेतु किसान अपने निकटतम पशु चिकित्सालय और पशु सेवा केंद्र से जानकारी कर सकते हैं
इस योजना से हजारों पशुपालकों को राहत मिलने की उम्मीद है और यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।


