दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से भगवान चंदा प्रभु की ऐतिहासिक रथ यात्रा निकली
सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, झांकियों और बैंड-बाजों से गूंजा नगर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बड़ौत/बागपत : दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से भगवान चंदा प्रभु की भव्य और ऐतिहासिक रथ यात्रा पूरे धूमधाम और हरसोल्लास के साथ निकाली गई। नगर की गलियां, मार्ग और चौक-चौराहे श्रद्धा और उत्साह से सराबोर रहे।
भगवान की शोभायात्रा और बोली
मंदिर परिसर से भगवान चंदा प्रभु को रथ में विराजमान करने से पहले परंपरागत बोलियां बोली गईं।
- खयालसी की बोली – गोली, विपुल जैन और वैभव जैन ने निभाई।
- सारथी की बोली – अशोक जैन और अक्षय जैन ने दी।
- कुबेर इंद्र की बोली – अजय कुमार, वैभव जैन, संजय जैन और अनुराग जैन द्वारा की गई।
- चंवर ढुलाने की पहली बोली – प्रवीण कुमार जैन और नमन जैन ने लगाई।
- दूसरी चंवर ढुलाने की बोली – अजय जैन और नितिन जैन ने निभाई।
इसके पश्चात परंपरानुसार सभी अतिथियों का पगड़ी पहनाकर और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
आकर्षण का केंद्र बनी झांकियां और बैंड
रथ यात्रा में देशभर की सांस्कृतिक छटा देखने को मिली।
- भारत का प्रसिद्ध बैंड “नो. 8”
- आठ आकर्षक झांकियां
- बुड़ाना ढोल, नासिक ढोल
- महाकाल झांकी
- लकड़ी के हाथी और विमान
- राजस्थानी नगाड़ा
- इटावा पार्टी और लेडीज़ डांडिया
ये सभी आकर्षण श्रद्धालुओं और नगरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने।
रथ यात्रा का मार्ग
भव्य रथ यात्रा जैन बड़ा मंदिर से शुरू होकर लोहिया बाजार, ठाकुरद्वारा, संजय मूर्ति होते हुए डिग्री कॉलेज के ए-फील्ड तक पहुंची। वहां भगवान चंदा प्रभु की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
सेवा और स्वागत
यात्रा के दौरान नगर के हर हिस्से में जगह-जगह श्रद्धालुओं और समाजसेवियों ने पानी और शीतल पेय के सैकड़ों स्टॉल लगाए। इन सभी स्टॉलों को दिगंबर जैन समाज समिति द्वारा प्रतीक चिन्ह और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
संयोजक और समिति का योगदान
रथ यात्रा के संयोजन में पुनीत जैन, अंकुर जैन, कमल जैन, आदेश जैन, अंकुर जैन (लोहे वाले), आनंद जैन और सचिन जैन का विशेष योगदान रहा।
वहीं कार्यक्रम में जैन समाज समिति के पदाधिकारियों –
प्रवीण जैन (अध्यक्ष), मनोज जैन (मंत्री), दिनेश जैन, राजेश जैन, तक जैन, कमल जैन, आनंद जैन, पवन जैन, अमित जैन आदि ने सक्रिय भूमिका निभाई।
श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम
पूरे नगर में रथ यात्रा के दौरान श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते नजर आए और नगर में जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई।



