गाजियाबाद
केन्द्रीय उड्डयन मंत्री के दरबार में पहुचा पर्यावरण प्रदूषण फैलाने का मामला
गाँव अगरोला में प्रदूषण से त्रस्त ग्रामीणों ने की दोषी औधौगिक इकाईयों के खिलाफ कार्यवाही की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी ग़ाज़ियाबाद : लोनी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम अगरोला के ग्रामीणों ने गाँव के समीप स्थित अजंता कम्पनी पर गंभीर पर्यावरण प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में ग्रामवासी सतेन्द्र पुत्र भंवर सिंह ने केन्द्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलकर अपना शिकायती पत्र देकर पर्यावरण प्रदूषण फैला रही औधौगिक इकाईयों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की मांग की है।
सतेन्द्र के अनुसार, कम्पनी की बड़ी चिमनी से निरंतर काला धुआँ और जहरीली गैसें निकल रही हैं, जिससे पूरे गाँव का वातावरण दूषित हो चुका है। इस प्रदूषण के कारण गाँव के बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों में सांस की तकलीफ, आंखों में जलन, सिरदर्द, दमा और त्वचा रोग जैसी समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।
सतेन्द्र ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि कम्पनी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों और फैक्ट्री एक्ट का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से केवल कागज़ों में औपचारिकताएँ पूरी कर ली जाती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण के सम्बन्ध में कोई ठोस उपाय नहीं किए जाते हैं।”
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह स्थिति “सार्वजनिक उपद्रव” (Public Nuisance) की श्रेणी में आती है और इसके विरुद्ध दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 133 तथा BNSS, 2023 की धारा 152 के अंतर्गत प्रशासन कार्यवाही कर सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि—
अजंता कम्पनी की चिमनी से निकलने वाले जहरीले धुएँ को तत्काल रोका जाए।
. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व फैक्ट्री निरीक्षण विभाग द्वारा कम्पनी की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जब तक कम्पनी उचित प्रदूषण नियंत्रण उपाय नहीं करती,तब तक उसके संचालन पर रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्यवाही नहीं की, तो यह प्रदूषण आने वाले समय में न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि फसलों, पेड़ों और भू-जल के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।

