असम

विश्वनाथ के सभी पूजा पंडालों में महिलाओं ने एक दूसरे गालों सिंदूर लगाकर माँ दुर्गा को नम आँखों से विदाई दी

माँ दुर्गा के मूर्ति विश्वनाथ घाट में विसर्जित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

विश्वनाथ : राज्यों के अन्य हिस्सों के तरह विश्वनाथ जिला के सभी पूजा पंडालों के साथ पाभोई रोड में स्थित दुर्गा पूजा पंडाल शिवाजी संघ में भी विजया दशमी के शुभ अवसर पर श्रद्धालु माँ दुर्गा काअंतिम दर्शन करने के लिए तांता लगा रहा। जानकारी के अनुसार पूजा पंडाल में नेताजी शाखा द्वारा अस्त्र-शस्त्र पूजन कार्यक्रम भी किया गया।सर्वप्रथम पुजारी के मंत्र उच्चारण और विधि विधान द्वारा आज विजयादशमी पूजा संपन्न किया । पुजारी ने वेद की मंत्र उच्चारण से माँ दुर्गा के प्रतिबिंब को पात्र में गंगा जल समाहित में दर्शन करवाकर विसर्जित किया । इधर आज सभी पूजा पंडाल में माँ को अंतिम दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की तांता लगा रहा ।विश्वनाथ चारिआलि के बहु बजार में स्थित शिवाजी संघ के दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में विजया दशमी के शुभ क्षण में भक्तों की भीड़ उमड़ी । महिलाएं माँ दुर्गा के श्रीचरणों में आशीर्वाद लेते हुए माँ दुर्गा के मुंह में विभिन्न मिठाई खिलाते हुए दिखाई दी। इधर श्रद्धालुओं ने माँ दुर्गा के समीप अस्त्र पूजन की।साथ ही माँ के गालों से पान के द्वारा आशीष ली।श्रद्धालुओं के चेहरे पूजा उत्साह की रौनक छायी रही। इधर विद्यार्थी भी अपने पुस्तक को मां दुर्गा के श्रीचरणों में रखकर प्रणाम किया।महिलाएं एक दूसरे महिलाओं के गालों में सिंदूर खेलते हुए नजर आए। सभी महिलाएं ढाक के धुन में नृत्य की।तत्पश्चात् विश्वनाथ चारिआलि के दुर्गा पूजा पंडालों के माँ दुर्गा की प्रतिमा को भक्तों द्वारा नृत्य करते हुए गुप्त काशी विश्वनाथ घाट में विसर्जन दिया गया । जिले के सभी पूजा पंडाल में जातीय स्वरूप का अंकन किया गया।प्रायः पूजा समिति द्वारा समाज में एक जागरूकता लाने की चेष्टा की गई। इधर पाभोई रोड के शिवाजी संघ द्वारा सुप्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग के स्मृति में और असम के महान मनीषी साहित्यकार से आलोकित करने के उद्देश्य के साथ पूजा पंडाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के पंच परिवर्तन आकर्षक केंद्र बिंदु बना था। साथ ही पूजा पंडाल के माँ भगवती के पीछे का आवरण सनातन का पवित्र तीर्थ स्थान मानसरोवर कैलाश पर्वत भय रूप भी दूसरे तरफ आकर्षित कर रहा था।कुल मिलाकर पूजा मंडल भारत का गौरवशाली परंपरा उजागर कर रहा है।यह पूजा पंडाल बुजुर्ग, सामाजिक व्यक्तियों , शिक्षाविद तथा बच्चों में आकर्षण का केंद्र बिंदु बना। सभी भक्त इस पंडाल में फोटोशूट लेते नजर आए।

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