बाराबंकी
अधिवक्ताओं के प्रदर्शन मामले में आया नया मोड़, पीड़िता का वीडियो बयान सामने

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बाराबंकी : जनपद में बीते दिन जिस प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया था, उस मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पीड़िता पत्नी द्वारा जारी किए गए एक वीडियो बयान ने पूरे घटनाक्रम को अलग ही दिशा दे दी है।
पीड़िता ने वीडियो में आरोप लगाया है कि उसका पति चंद्रेश कुमार वर्मा, जो पेशे से वकील है, उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करता रहा है। उसका कहना है कि पति आए दिन चार पहिया वाहन लाने की मांग करता था और मांग पूरी न होने पर उसे घर में रखने से इनकार किया जाता था। मानसिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक रूप से भी उसे प्रताड़ित किया जाता रहा है।
पीड़िता के अनुसार, इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने थाना सफदरगंज में लिखित तहरीर दी थी। मामले में थाना प्रभारी द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन इसी दौरान आरोपी पति अपनी “वकालत” का हवाला देते हुए थाने से चला गया। इसके बाद मामले को लेकर दबाव की राजनीति शुरू हो गई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रेश कुमार वर्मा अपनी वकालत की आड़ में पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं, जिससे कानूनी कार्रवाई बाधित होती है। उसने बताया कि आरोपी के खिलाफ सफदरगंज और बदोसराय थानों में कुल पांच अभियोग पहले से ही पंजीकृत हैं, जिनमें गैंगस्टर जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
इतना ही नहीं, पीड़िता का यह भी कहना है कि आरोपी ने अपनी पहली पत्नी को भी दहेज के चलते मारपीट कर घर से निकाल दिया था। जब उसने पुनः अपने साथ हुई प्रताड़ना को लेकर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही, तो इसी दबाव के तहत एसपी कार्यालय का घेराव कर दिया गया, जिसके चलते उसका मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया।
पत्नी ने लगया गंभीर आरोप चंद्रेश कुमार वर्मा का नाम पहले से ही चर्चित अधिवक्ता त्रिपुरारी मिश्रा हत्याकांड में भी शामिल बताया जा रहा है, जिससे उसके आपराधिक इतिहास को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं।
फिलहाल पीड़िता का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि पीड़िता के आरोपों के बाद प्रशासन निष्पक्ष जांच कर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की दिशा में क्या कदम उठाता है।



