गोड्डा
गोड्डा में एंबुलेंस न मिलने से गई मासूम की जान, गरमाया झारखंड का सियासी पारा!
भाजपा ने लगाई हेमंत सरकार पर लापरवाही की आंच, बाबूलाल से लेकर निशिकांत दुबे तक बरसे बयानों की बौछार

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो
गोड्डा : ज़िले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ महज़ 13 साल की मासूम बच्ची ने एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण दम तोड़ दिया। छत से गिरकर बुरी तरह घायल हुई बच्ची के परिजन घंटों तक सरकारी एंबुलेंस का इंतज़ार करते रहे, लेकिन न एंबुलेंस आई, न कोई राहत। इस दर्दनाक मौत के बाद झारखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “हेमंत सरकार की घोर लापरवाही का खामियाजा गोड्डा की एक मासूम बेटी को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा है। छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुई बच्ची के परिजन घंटों तक एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन सरकारी एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची।
स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार अब सीधे जनता की जान पर भारी पड़ रही है। चाहे वह मुफ्त एम्बुलेंस सेवा हो या आयुष्मान भारत योजना… हेमंत सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी हर योजना को भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का अड्डा बना दिया है। हेमंत सोरेन जी, स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर चुप्पी साधकर जनता की जान जोखिम में डालना बंद करिए।
इधर, गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे भी मैदान में कूद पड़े। उन्होंने झारखंड सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट में लिखा:
“मैंने गोड्डा के हर प्रखंड और सदर अस्पताल को 10 एंबुलेंस दिए थे, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने पिछले 5 सालों में सब ठप करवा दिए। आज 108 एंबुलेंस सेवा की हड़ताल है और मंत्री बकबक में व्यस्त हैं। भगवान भरोसे झारखंड चल रहा है।” निशिकांत दुबे ने यह भी दावा किया कि देवघर में भी इसी तरह की एक और घटना हुई है।
अब सवाल ये है कि:
क्या झारखंड की मासूम ज़िंदगियाँ सरकारी तंत्र की लापरवाही की बलि चढ़ती रहेंगी?




