गोड्डा
पीएम विश्वकर्मा योजना लाभार्थियों के लिए एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। प्रखंड सभागार में भारत सरकार, एमएसएमई मंत्रालय के शाखा एमएसएमई-विकास कार्यालय, धनबाद के द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना पर आधारित एक दिवसीय जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों को योजना से मिलने वाले लाभ, पात्रता एवं आवेदन की प्रकिया इत्यादि के बारे में वृहद रुप से जानकारी देना एवं जागरुक करना है। कार्यक्रम की शुरुआत जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त अंजली यादव, संयोजक दीपक कुमार, आईईडीएस, सहायक निदेशक, प्रखंड विकास पदाधिकारी दयानंद जयसवाल, अंचलाधिकारी हलधर सेट्टी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र रमाकांत चतुर्वेदी, ईओडीबी मैनेजर मनीष कुमार सहित अन्य गणमान्य के द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। उपायुक्त के द्वारा कहा गया कि भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, विश्वकर्मा जयंती 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री के द्वारा डिजिटली लॉन्च (लागू) की गई थी। भारत सरकार के द्वारा इस योजना को प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को आर्थिक सहायता एवं उन्नत उपकरण प्रदान करते हुए उनके व्यवसाय में बढ़ोतरी कराना है। जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने सभा में उपस्थित 18 पारंपरिक विद्याओं में कार्य करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों से इस योजना का लाभ लेने हेतु ज्यादा से ज्यादा संख्या में पंजीकरण कराने का आह्वान किया। उक्त योजना का उद्देश्य छोटे व हुनरमंद लोगों को अपने उत्पाद का विस्तार कर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत लाभुकों को पहले चरण में एक लाख रुपये तक तथा दूसरे चरण में दो लाख रुपये तक का ऋण मात्र पांच प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही लाभुकों को कौशल विकास प्रशिक्षण, टूलकिट, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन राशि और मार्केटिंग सहयोग भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग भी लाभुकों के सहयोग के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग की भूमिका बेहद अहम है। उनके द्वारा उपस्थित शिल्पकारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पादों को प्रमोट करने, ई-कॉमर्स साइटों पर बिक्री बढ़ाने और ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुंचने के तरीके को बताया गया।
संयोजक द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रूप-रेखा से अवगत कराते हुए बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना में 18 पारंपरिक विद्याओं में कार्य करने वाले कारीगर और शिल्पकार सम्मिलित हैं। कारपेंटर, नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, हथौडा और टूलकिट बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, डलिया, चटाई, झाडू बनाने वाले, गुडिया और खिलौने बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, मछली का जाल बनाने वाले को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तकनीकी सत्र में शशि भूषण कुमार, एक्सपर्ट फैकल्टी, डिजिटल मार्केटिंग एवं ई-कॉमर्स ने प्रतिभागियों को ऑनलाइन बाजार में अपने उत्पादों को विक्रय करने के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रोडक्ट के कीमत निर्धारण, पैकेजिंग, लेबलिंग एवं ई-कॉमर्स साइट पर ऑनबोर्डिंग के बारे में सरल शब्दों में सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। तकनीकी सत्र में चंदन चौहान, एलडीएम, गोड्डा ने इस योजना में रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया, पात्रता एवं मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने लाभुकों को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता को बैंक से प्राप्त करने हेतु आवश्यक दस्तावेर्जी, फार्म भरने की प्रक्रिया एवं बैंकों के रोल के बारे में विस्तार से बताया। आवेश कुमार, शाखा प्रबंधक आईपीपीबी द्वारा पीएम विश्वकर्मा लाभुकों को यूपीआई क्यू आर कोड बनाकर दिया गया जिससे उन्हें यूपीआई लेन देन में सुविधा हो। कुणाल, यंग प्रोफेशनल ने कार्यक्रम की समाप्ति पर सभा में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। जिले के लगभग 120 से ज्यादा शिल्पकारों और कारीगरों ने इस जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होकर पीएम विश्वकर्मा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त किया।




