पाकुड़

मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर पाकुड़ में बीएलओ एवं पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित

A one-day training cum orientation program for BLOs and supervisors was organized in Pakur regarding the accuracy of the voter list.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ जिले में SIR/PRE-SIR, ब्लैक एंड व्हाइट/धुंधले मतदाता पहचान पत्रों के सुधार तथा मतदान केन्द्रों के रेशनलाइजेशन से सम्बन्धित विषयों पर बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन रविन्द्र भवन, पाकुड़ में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ उपायुक्त मनीष कुमार, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। प्रशिक्षण सत्र को सम्बोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता, अद्यतन और पारदर्शिता निर्वाचन प्रक्रिया की आधारशिला है। उन्होंने बीएलओ एवं पर्यवेक्षकों को SIR/PRE-SIR प्रक्रिया, धुंधले एवं ब्लैक एंड व्हाइट मतदाता पहचान पत्रों के सुधार तथा मतदान केन्द्रों के रेशनलाइजेशन से सम्बन्धित विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन से जुड़े सभी कार्यों की समीक्षा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अत्यंत सख्ती से की जाती है, इसलिए आयोग के निर्देशों का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत अनुपालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से ईवीएम/वीवीपैट वेयरहाउस निरीक्षण, मासिक समीक्षा बैठकें एवं आवश्यक प्रस्तुतिकरण निर्वाचन आयोग को भेजे जा रहे हैं। इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित निर्वाचन कर्मियों को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित निर्वाचन सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष प्रस्तुत आंकड़े सुदृढ़, प्रमाणिक एवं विश्वसनीय होने चाहिए। मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में अब तक मैपिंग का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, वहां आगामी दो से तीन दिनों के भीतर अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से ऐसे टोला या क्षेत्र, जहां बीएलओ अब तक नहीं पहुंचे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कवर किया जाए। उपायुक्त ने बताया कि पाकुड़ नगर क्षेत्र में अभी भी कुछ पोलिंग एरिया ऐसे हैं, जहां मतदाता सूची से लोग वंचित रह गए हैं। समय रहते सुधार नहीं होने की स्थिति में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज़ मंगवाने की कार्रवाई की जायेगी। केवल वास्तविक एवं पात्र मतदाताओं को ही सूची में शामिल किया जायेगा। उपायुक्त ने उदाहरण देते हुए बताया कि परिवार के किसी सदस्य का नाम गलत तरीके से हट जाना या मृत मतदाता का नाम सूची में बने रहना कई व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न करता है। ऐसे मामलों में बीएलओ एवं पर्यवेक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। मृत मतदाताओं के नाम हटाने, स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टि सुधारने तथा डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर सूची से हटाने का कार्य गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ किया जाए। प्रत्येक सुपरवाइजर को अपने क्षेत्र के मामलों की स्पष्ट जानकारी रखते हुए सत्यापन के पश्चात ही प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गये। अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने अपने संबोधन में कहा कि जिले की भौगोलिक स्थिति, सीमावर्ती क्षेत्र होने तथा नगर परिषद क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों के कारण पूर्व में मतदाता सूची से सम्बन्धित कार्यों में चुनौतियां सामने आई हैं। उन्होंने सभी कर्मियों से योजनाबद्ध एवं सघन प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी आपत्ति या सुनवाई की स्थिति में जिला प्रशासन तथ्यों के साथ सशक्त रूप से अपनी बात रख सके। प्रशिक्षण सत्र के दौरान फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, दस्तावेज़ सत्यापन, ऑनलाइन प्रविष्टि, समयबद्ध कार्य निष्पादन एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

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