गाजियाबाद
यमुना में अवैध खनन और बढ़ते प्रदूषण पर भाकियू (अनाज) का हल्ला बोल; डीएम को सौंपा ज्ञापन
10 दिन में कार्यवाही न होने पर तालाबंदी की चेतावनी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : भारतीय किसान यूनियन (अनाज) का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को जिला मुख्यालय पहुंचा और क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण, यमुना नदी में अवैध खनन, तथा डंपिंग ग्राउंड से फैले पर्यावरणीय खतरे को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात की। यूनियन ने इन सभी मुद्दों पर विस्तृत लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करने की मांग की।
“10 दिन में कार्यवाही न हुई तो जिला मुख्यालय पर होगी तालाबंदी” — राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन शर्मा
भारतीय किसान यूनियन अनाज के
राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सचिन शर्मा ने कहा कि यदि प्रशासन ने दस दिनों के भीतर सम्बंधित मांगों पर कठोर कदम नहीं उठाए, तो संगठन जिला मुख्यालय पर बड़े स्तर पर तालाबंदी आंदोलन करेगा। उन्होंने साफ कहा कि किसानों और पर्यावरण दोनों के भविष्य की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है
पचायरा व सुंगरपुर क्षेत्र में यमुना नदी के बीचों-बीच बड़े पैमाने पर अवैध खनन का आरोप
ज्ञापन में बताया गया कि पचायरा खदान क्षेत्र में रात के समय भारी मशीनों का इस्तेमाल करते हुए बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन किया जा रहा है।
यूनियन के अनुसार इसका सीधा असर
यमुना नदी की प्राकृतिक धारा पर,
जलीय जीवों के अस्तित्व पर,
क्षेत्र के भू-जल स्तर पर,
और खादर क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि पर पड़ रहा है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि बालू खनन माफिया शिकायत करने वाले ग्रामीणों को डराने–धमकाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।
खनन माफिया पर भारी खनन, ओवरलोडिंग और राजस्व चोरी के आरोप
राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन शर्मा ने कहा कि माफिया निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक खनन कर रहे हैं और ओवरलोड वाहनों के जरिए सरकारी राजस्व की खुली चोरी की जा रही है।
बरसात में नदी के बहाव में बदलाव से खादर क्षेत्र की सैकड़ों–हजारों बीघा भूमि को भारी नुकसान हुआ है, जिसके लिए अवैध खनन ही जिम्मेदार है।
यूनियन ने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल पुलिस विभाग, राजस्व और खनन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से संभव हो रहा है।
पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन की विस्तृत शिकायत
संगठन ने ज्ञापन में स्पष्ट लिखा है कि पचायरा व सुंगरपुर क्षेत्र में चल रहा अवैध खनन—
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986,
खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम 1957,
तथा खनिज नियमावली की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन कर रहा है
ज्ञापन की प्रतियां प्रमुख सचिव (भूतत्व एवं खनिकर्म), निदेशक NGT नई दिल्ली और निदेशक खनिकर्म विभाग लखनऊ को भी भेजी गई है
किसानों का स्पष्ट संदेश“पर्यावरण और खेती बचाओ, नहीं तो सड़क पर उतरेंगे”
यूनियन ने डीएम से 10 दिनों के भीतर सम्बंधित मांगों पर सख्त कार्यवाही की मांग की और चेतावनी दी कि यदि समाधान शीध्र ही इन समस्याओं का हल नहीं निकला, तो जिला मुख्यालय पर बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा
प्रतिनिधिमंडल में कई किसान नेता रहे शामिल । जिनमें
ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में दिनेश यादव, वरिष्ठ किसान नेता नरोत्तम शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर प्रधान, जिला अध्यक्ष विकास बिधूड़ी, रीवा युवा जिला अध्यक्ष कुलदीप नगर, युवा मंडल अध्यक्ष सत्येंद्र गुर्जर, किसान नेता राजकुमार नेताजी, प्रदेश सचिव सौरभ सेन, विवेक यादव, हर्ष राठी, सालिम, मोनिश मलिक, लक्की ठाकुर, बुरहान सैफी, अमन, नरेश आदि किसान शामिल रहे।
