जम्मू कश्मीर

घाटी में जैश का खात्मा

सेना ने सात आतंकी किए ढेर, 10 लाख का इनामी पाकिस्तानी दहशतगर्द सैफुल्लाह बड़ी सफलता

जम्मू । भारतीय सेना ने कहा कि यह आतंकी नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार है। हम सेवा और सुरक्षा करते हैं। व्हाइट नाइट कोर ने मारे गए आतंकदियों की तस्वीर भी शेयर की है, जिसके ऊपर लाल रंग में क्रॉस लगे हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 326 दिनों तक चले हाई-एल्टीट्यूड आॅपरेशन में सात खतरनाक आतंकवादी मारे गए हैं। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
व्हाइट नाइट कोर ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “किश्तवाड़ इलाके में 326 दिनों तक लगातार हाई-एल्टीट्यूड अभियान चलाए गए। सेना ने मुश्किल इलाकों में ठंडे, गीले और बफीर्ले मौसम के बीच आतंकवादियों को ट्रैक किया। इस दौरान कई बार मुठभेड़ हुई। व्हाइट नाइट कोर की टुकड़ियों, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने खुफिया एजेंसियों के मजबूत खुफिया तंत्र के आधार पर आखिरकार किश्तवाड़ के चटरू क्षेत्र में सभी सात कुख्यात आतंकवादियों को मार गिराया।” इनमें से एक 10 लाख का इनामी आतंकी कमांडर सैफुल्लाह के होने का संदेह है।
अगर जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्ला है तो सुरक्षाबलों की ये सफलता जैश के नेटवर्क की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।
हमारे साहस और वीरता के सामने कुछ भी नहीं टिक सकता
पोस्ट में आगे कहा गया, आॅपरेशन में मदद के लिए एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, आरपीए/यूएवी और संचार साधनों के रूप में टेक्नोलॉजी का लगातार इस्तेमाल किया गया। हमारी सेनाओं की लगातार कोशिश और दृढ़ संकल्प, जिसका नतीजा सैफुल्लाह और उसके साथियों का खत्म होना था, यह साबित करता है कि हमारे जवानों और इंटेलिजेंस एजेंसियों के संकल्प, साहस और वीरता के सामने कुछ भी नहीं टिक सकता।
आतंकी नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार-भारतीय सेना ने कहा कि यह आतंकी नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार है। हम सेवा और सुरक्षा करते हैं। व्हाइट नाइट कोर ने मारे गए आतंकदियों की तस्वीर भी शेयर की है, जिसके ऊपर लाल रंग में क्रॉस लगे हुए हैं। इससे पहले, सेना ने एक संयुक्त अभियान में तीन आतंकवादियों को मार गिराया। ‘आॅपरेशन त्रासी-1’ के तहत किश्तवाड़ में इन आतंकियों को मारा गया। व्हाइट नाइट कोर ने जानकारी दी कि आतंकवादी के अवशेष और हथियार बरामद कर लिए गए हैं। सेना ने कहा, “स्थिरता को कमजोर करने वालों के लिए कोई जगह, कोई पनाहगाह नहीं है।”

जैश के साथ एक दर्जन से ज्यादा एनकाउंटर हुए-पिछले साल किश्तवाड़ के घने जंगल वाले चटरू इलाके में ज्वाइंट फोर्स और पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद (जैश) के आतंकवादियों के बीच एक दर्जन से ज्यादा एनकाउंटर हुए। भारतीय सेना आतंकवादियों को पीछा करती रही, लेकिन वह जम्मू डिवीजन के किश्तवाड़, डोडा, कठुआ और उधमपुर जिलों के बीच अपनी जगह बदलते रहे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button