
परिजनों ने बताया ‘हत्या’, सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन।
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
लोनी/हाथरस। हाथरस के चंदपा थाने में हिरासत के दौरान युवक चंद्रपाल उर्फ भोले शंकर (28) की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गाजियाबाद के लोनी स्थित 25 फुटा रोड प्रकाश बिहार कालोनी में पहुंचा, परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा पुलिस की लापरवाही पर फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने शव को मार्ग पर रखकर प्रदर्शन किया और हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
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बताया जाता है कि चंद्रपाल, लोनी का निवासी था और उस पर चंदपा क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप था। किशोरी के परिजनों की तहरीर पर 18 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने 23 अप्रैल को किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी चन्द्र पाल को हिरासत में लेकर थाने लाई। देर रात पुलिस के अनुसार युवक शौचालय गया, जहां उसने कथित रूप से आत्महत्या कर ली।
इधर, परिजनों ने पुलिस के दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे हत्या करार दिया है। उनका आरोप है कि युवक को चाकुओं से मारकर घटना को आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लोनी में शव पहुंचने के बाद प्रकाश बिहार कालोनी के 25 फुटा रोड पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर के लिए मार्ग बाधित कर दिया, स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर हालात पर काबू पाया गया।
उधर, हाथरस पुलिस ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए चंदपा थाने के प्रभारी निरीक्षक श्याम सिंह और ड्यूटी मुंशी लखन सिंह को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की न्यायिक जांच कराई जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल, कस्टडी में हुई इस मौत को लेकर पुलिस और परिजनों के दावों के बीच सच्चाई की तलाश जारी है। निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।

