
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
असम के कामरूप ज़िले के समन्वित ज़िला आयुक्त कार्यालय के सभा कक्ष में गुरुवार को बाल विवाह, लिंग-आधारित हिंसा उन्मूलन, साइबर अपराध विशेषकर महिला और बच्चों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता कामरूप के अतिरिक्त जिला आयुक्त आदित्य गोगोई ने की। बैठक में लिंग-आधारित हिंसा उन्मूलन के लिए 16 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम और “Child Marriage Free Bharat” राष्ट्रीय अभियान के तहत कामरूप जिले में बाल विवाह मुक्त भारत गठन कार्यक्रम के जिला स्तरीय उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। ये दोनों कार्यक्रम जिला समाज कल्याण विभाग, कामरूप जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र और कामरूप जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किए गए हैं।उल्लेखनीय है कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों में बाल विवाह के खिलाफ एक जागरूक, जिम्मेदार और कानूनी जनचेतना का निर्माण करना है। वक्ता डॉ. शर्मिष्ठा बरुआ ने इस आयोजन में विशेष रूप से महिला और बच्चों के खिलाफ होने वाले साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने साइबर अपराध के प्रकार, सुरक्षा उपाय, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सोशल मीडिया उपयोग के दौरान आवश्यक सावधानियों के बारे में उपस्थित सभी को विस्तृत जानकारी प्रदान की।इसके अलावा लिंग-आधारित हिंसा, विशेष रूप से डिजिटल हिंसा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित 16 दिवसीय कार्यक्रम का आज सफल समापन समारोह बैठक में आयोजित किया गया। बैठक में बाल विवाह रोकने के लिए प्रतिज्ञा पाठ कराया गया, जिसका नेतृत्व गुलस्मी रेखा बरा ने किया। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी भूपेन भट्टाचार्य के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, समाज कल्याण विभाग के कर्मी और विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।



