जालौन

एक ही तस्वीर, कई हाजिरीः रामपुरा ब्लॉक में मनरेगा के नाम पर लाखों की गड़बड़ी उजागर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
रामपुरा। ग्रामीणों को रोजगार देने के उद्देश्य से चलाई जा रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) विकास खंड रामपुरा में कथित तौर पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है। जालौन जनपद के इस ब्लॉक में सामने आए ताजा मामले ने योजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत बाहरांई में चकबंदी निर्माण कार्य के दौरान नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) ऐप के जरिए मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज की गई। आरोप है कि मेट द्वारा एक ही मजदूरों की फोटो को अलग-अलग तारीखों में बार-बार अपलोड कर 37 मजदूरों की हाजिरी दिखाई गई, जबकि मौके पर महज 10 से 12 मजदूर ही कार्य करते नजर आए। हैरानी की बात यह रही कि सर्दी के मौसम में खींची गई बताई जा रही तस्वीरों में मजदूर बिना स्वेटर-जैकेट के दिखाई दिए, जिससे फोटो के पुराने या दोहराए जाने की आशंका और गहराती है।
जानकारी के मुताबिक 13 दिसंबर 2025 के मास्टर रोल (आईडी संख्या 1023/0430) में भी एक ही तस्वीर कई बार प्रयुक्त की गई। इससे फर्जी मजदूर दिखाकर लाखों रुपये की मजदूरी भुगतान किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यह खेल 3 दिसंबर से 16 दिसंबर 2025 तक चला और यदि पूरे 12 दिनों के मास्टर रोल की जांच हो तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब कुछ ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की जानकारी या संरक्षण में हो रहा है, जिससे प्रधान, सचिव और ठेकेदार बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। वहीं असली मजदूर या तो काम से वंचित हैं या उनके जॉब कार्ड का दुरुपयोग कर भुगतान उठा लिया गया है।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना का उद्देश्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
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