गाजियाबाद
शीत लहर से पशु-पक्षियों की सुरक्षा को लेकर पशुपालन विभाग की अपील
ठंड बढ़ने से पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन पर पड़ता है असर, नागरिकों से सतर्कता बरतने का आग्रह
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : क्षेत्र में शीत लहर का प्रकोप शुरू हो गया है और प्रतिदिन तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए गाजियाबाद के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा एस पी पांडेय ने सभी पशुपालकों और नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पालतू एवं निराश्रित पशु-पक्षियों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध करें।
विभाग के अनुसार ठंड के मौसम में पशुओं के शरीर का तापमान कम होने से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे दुग्ध उत्पादन में कमी आती है और प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है। समय पर समुचित व्यवस्था न होने पर पशु-पक्षियों की मृत्यु तक हो सकती है।
पशुपालन विभाग ने सुझाव दिया है कि पशु आवास को चारों ओर से ढककर ठंडी हवा के सीधे संपर्क से बचाया जाए। पशुओं और मुर्गियों को गर्म कपड़े अथवा बोरे से ढकने, संतुलित आहार एवं कंसन्ट्रेट राशन बढ़ाने, तथा गन्ने का चारा, भूसा व पराली उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। साथ ही सरसों, मूंगफली, कपास खली एवं गुड़ जैसे ऊर्जा युक्त आहार देने पर भी जोर दिया गया है।
विभाग ने यह भी कहा है कि पशुशालाओं में धूप का अधिक से अधिक प्रवेश सुनिश्चित किया जाए, नवजात पशुओं को विशेष रूप से गर्म रखा जाए और उन्हें कोलोस्ट्रम अवश्य पिलाया जाए। फर्श को सूखा व साफ रखने, गोबर-पेशाब की उचित निकासी, तथा रोजाना गुनगुना पानी पिलाने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, ठंड के मौसम में बीमारियों के प्रसार की आशंका को देखते हुए भेड़-बकरियों सहित अन्य पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने और पशुपालन विभाग की निःशुल्क सुविधाओं का लाभ उठाने का भी आह्वान किया गया है।
पशुपालन विभाग ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सामूहिक प्रयास से ही शीत लहर के दौरान पशु-पक्षियों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

