गोड्डा
कांग्रेस सरकार ने बाबा साहब को कभी भी सम्मान नहीं दिया : भाजपा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। भाजपा जिला कार्यालय में संगोष्ठी आयोजित किया गया। दौरान संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान जन्म जयंती के उपलक्ष में मुख्य अतिथि मधुपुर के पूर्व विधायक राज पालीवार की गरिमामय उपस्थित व जिला उपाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह की अध्यक्षता में संगोष्ठी कार्यशाला हुई। कार्यशाला में राज पालीवार ने बाबा साहब अंबेडकर के जीवनी पर कहा कि बाबा साहब का बचपन बहुत बड़ी कठिनाइयों से गुजरी, बावजूद शिक्षा को उन्होंने प्राथमिकता दी। उन्होंने अपने जीवन में समाज में समानता, पिछड़ों वंचितों शोषितों दलित के जीवन के उत्थान के लिए सदैव लड़ाई लड़ी, स्वतंत्र भारत में प्रथम कानून मंत्री बने, लेकिन कांग्रेस सरकार ने बाबा साहब को कभी भी सम्मान नहीं दिया। बाबा साहब सदन नहीं पहुंचे इसके लिए तरह-तरह के बाबा साहब के विरोध में षड्यंत्र रचे गए। दुर्भाग्य है कि जिनके द्वारा संविधान लिखी गई उन्हें ही न्याय नहीं मिला। पंडित नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी सरकार रहते हुए भी बाबा साहब को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया। भारत रत्न देने का मसौदा जब तैयार हुआ तो पंडित नेहरू ने अपने नाम को आगे कर भारत रत्न प्राप्त किया। लेकिन बाबा साहब को यह सौभाग्य प्राप्त नहीं मिला। गैर कांग्रेसी सरकार जब देश में आई भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में तभी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। कार्यशाला में जिला उपाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह ने कहा कि बाबा साहब सामाजिक न्याय छुआछूत के खिलाफ संघर्ष एवं दलित उत्थान के लिए सदेव कार्य किया। बाबा साहब का प्रेरणा था कि शिक्षित बनो,य संगठित रहो और संघर्ष करो। बाबा साहब ने देश को एक नई दिशा दी। बाबा साहब का सपना था एक ऐसा समाज हो जहां हर एक व्यक्ति को सम्मान मिले उनका जीवन हमें सिखाता है कि हमें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। अपने अधिकारों के लिए हमेशा जागरूक रहना चाहिए। कार्यशाला का संचालन जिला के महामंत्री संजीव केजरीवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन युवा मोर्चा के जिला महामंत्री सूरज सिंह ने किया।
कार्यशाला में मुख्य रूप से भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह, मंडल अध्यक्ष कैरव भारती, मणिकांत महतो, भाजपा के पूर्व प्रखंड उपाध्यक्ष आशीष यादव, शिवेश वर्मा, अनिल शाह, संगीता शाह, संतोष मंडल, ललन दास, गौरी शंकर, मिथुन यादव आदि उपस्थित थे।



