बेतुल

सतलोक आश्रम बेतूल में संत रामपाल जी महाराज के 75 वे अवतरण दिवस पर 30 जोड़ो का आदर्श दहेज मुक्त विवाह

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बेतूल: रविवार को जिला बैतूल के ग्राम उड़दन स्थित सतलोक आश्रम में संत रामपाल जी महाराज जी के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे महाविशाल समागम का दूसरा दिन था,जिसमे लाखो की संख्या में श्रद्धालुओं ने आकर पापनाशक भंडारा ग्रहण किया। आश्रम के सेवादारों ने बताया कि 8 सितंबर 1951 को मानव समाज के कल्याण के लिए पूर्ण परमात्मा संत रामपाल जी महाराज के रूप में धरती पर अवतरित हुए फिर संत रामपाल जी महाराज जी को स्वामी रामदेवानंद जी महाराज जी से 1988 में नामदीक्षा प्राप्त हुई थी आज तक निरंतर संघर्ष करते हुए संत रामपाल जी महाराज जी मानव समाज को पूर्ण मोक्षदायक सतभक्ति प्रदान कर रहे है, ये महाविशाल समागम पूज्य गुरुदेव संत रामपाल जी महाराज जी के 75 वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में मनाया जा रहा है जिसमे पूरे मानव समाज को आने का खुला निमंत्रण दिया गया है,इस महाविशाल भंडारे में शुद्ध देशी घी से बने लड्डू,जलेबी,सब्जी, पूड़ी, दाल,चावल, हलवा आदि का मनमोहक भंडारा दिया जा रहा है साथ ही आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज जी के अमर ग्रन्थ साहिब की अमरवाणी का अखंड पाठ चल रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन संत रामपाल जी महाराज के समाज सुधार कार्यों के अंतर्गत मात्र 17 मिनिट में  गुरुवाणी द्वारा 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह भी संपन्न कराया गया और जिला चिकित्सालय बैतूल से आए स्टाफ की मौजूदगी में अनुयायियों द्वारा 319 यूनिट रक्तदान भी किया गया साथ ही 3440 अनुयायियों द्वारा देहदान के संकल्प फार्म भरे गए। बिना दान दहेज,बिना फिजूलखर्ची के साथ हुए इस विवाह में किसी प्रकार का आडंबर देखने को नहीं मिला,विवाह के सभी जोड़े सादे सिंपल कपड़ो में बैठे रहे व अपने गुरुदेव जी की अमरवाणी को सुनकर सादगीपूर्ण तरीके से विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। अनुयायियों के अनुसार इस विवाह के साक्षी सभी तैंतीस कोटि देवी देवता बने, समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के बैठने के लिए 300×600 व 90×900 का स्थाई शेड बनाया गया है,साथ ही भंडारे के लिए 350×300 के पांडाल लगाया गया है,साथ ही जूता घर,पार्किंग,मोबाइल चार्जिंग,शौचालय आदि की पर्याप्त सुविधा के साथ आध्यात्मिक प्रदर्शनी व निःशुल्क नामदीक्षा की व्यवस्था भी की गई है। फोरलेन से आश्रम तक की दूरी में बने रोड पर लगी आकर्षित लाइटिंग व परमात्मा जी की झांकियां देखने में बहुत सुंदर लग रही है जिसे लोग गाड़ी रोककर देखते ही रह गए। समागम के दूसरे दिन तक 2000 से अधिक लोगो ने संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा ग्रहण कर अपने जीवन का कल्याण करवाया। कार्यक्रम में आए प्रशासन के अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इतनी अधिक तादाद में श्रद्धालुओं के आने के बाद भी यातायात सुविधा में किसी प्रकार की अव्यवस्था व संगत में भगदड़ देखने को नही मिली और यह भी कहा कि कही भी इतने विशाल कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस के जवान व मिलिट्री बुलानी होती है लेकिन संत रामपाल जी महाराज के कार्यक्रम में सारी व्यवस्था उनके सेवादार भक्त ही कर लेते है। अपने गुरुदेव जी के आदेशानुसार आने वाली सर्व संगत शांतिपूर्वक आकर अमर वाणी को श्रवण कर भंडारा प्रसादी लेकर वापस अपने घर जाती रही। 8 सितंबर को इस महासमागम का अंतिम दिन है। अनुयायियों ने सभी धर्म प्रेमी जनता से आग्रह किया कि वे भी इस पावन अवसर पर आकर पापनाशक भंडारा ग्रहण कर अपने पुण्य कर्म बनाएं।
पत्रकार कमल सिंह लोधा की रिपोर्ट
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button