पाकुड़

समग्र शिक्षा पाकुड़ द्वारा प्रोजेक्ट पहल 2.0 के तहत प्रेरक एवं प्रभावी कार्यक्रम के ध्यानार्थ जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन सम्पन्न

District level Mukhiya Sammelan held to focus on motivational and effective programmes under Project Pahal 2.0 by Samagra Shiksha Pakur.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। झारखंड शिक्षा परियोजना समग्र शिक्षा, पाकुड़ द्वारा प्रोजेक्ट पहल 2.0 के अंतर्गत आज जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन 2025 का भव्य एवं सफल आयोजन बाजार समिति पाकुड़ में किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों को विद्यालय प्रबंधन, पठन-पाठन की गुणवत्ता, नामांकन वृद्धि, ड्रॉपआउट रोकथाम तथा समुदाय की सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण शैक्षिक पहलुओं के प्रति जागरूक एवं सक्षम बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त श्री मनीष कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी सुश्री अनीता पुरती तथा जिला शिक्षा अधीक्षक श्री नयन कुमार एवं जिला क्रीड़ा पदाधिकारी श्री राहुल कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। उपायुक्त मनीष कुमार* ने कहा पंचायत प्रतिनिधि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मुखिया अपने क्षेत्र के विद्यालयों के संरक्षक की भूमिका में होते हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से नामांकन, उपस्थिति और विद्यालय के आधारभूत ढांचे में उल्लेखनीय सुधार संभव है। उन्होंने आगे कहा कि प्रोजेक्ट पहल 2.0 तभी सफल होगा, जब विद्यालय प्रबंधन समिति एवं समुदाय मिलकर लगातार सहयोग, निगरानी और संवेदनशीलता के साथ भूमिका निभाएँ। प्रत्येक पंचायत में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की आवश्यकता है। उपायुक्त ने मुखियाओं से अपील किया कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति, ड्रॉपआउट रोकथाम,अभिभावक जागरूकता,शिक्षण-अधिगम वातावरण सुधार में सक्रिय, जिम्मेदार और निरंतर भूमिका निभाएँ। अंत में उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सभी मुखियाओं को आगामी कार्यक्रम “आपकी योजना — आपकी सरकार – आपके द्वार” के सफल आयोजन के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान 21 नवंबर से 15 दिसंबर तक संचालित किया जाएगा, जिसमें बच्चों के जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, आधार कार्ड आदि आवश्यक दस्तावेज़ों को सुलभ और समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराना प्रमुख उद्देश्य होगा। उन्होंने मुखियाओं से कहा इस बार अभियान को पूरी प्रभावशीलता के साथ संचालित करें। हर पात्र बच्चे तक प्रमाणपत्र की सुविधा पहुँचे — यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उपायुक्त ने आगे बताया कि कई पंचायत भवनों के कार्यों की सराहना विभिन्न निरीक्षण टीमों ने की है। एक पंचायत की मुखिया द्वारा बैठक में अंग्रेज़ी में प्रभावी प्रस्तुति देने की भी प्रशंसा की गई, जो स्थानीय नेतृत्व की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को शिक्षा और सामुदायिक विकास से जुड़े कार्यों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। जिला शिक्षा पदाधिकारी सुश्री अनीता पुरती ने कहा कि मुखियाओं की प्रेरक भूमिका और निकट सहयोग से विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यालय स्तरीय योजनाओं, सीखने के परिणाम और विभागीय प्रावधानों की विस्तृत जानकारी साझा की। जिला शिक्षा अधीक्षक नयन कुमार* ने विद्यालयों की वर्तमान स्थिति, निरीक्षण व्यवस्था, गुणवत्ता सुधार उपाय और प्रमुख शैक्षणिक लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मेलन के दौरान जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय अवसंरचना सुधार, शैक्षिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने, नामांकन एवं उपस्थिति बढ़ाने तथा सामुदायिक जागरूकता से संबंधित अनेक रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए। सम्मेलन में विद्यालयों की बच्चियों द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रोजेक्ट मॉडल भी बनाए एवं प्रदर्शित किए गए, जिनका उपायुक्त एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा निरीक्षण किया गया। बच्चियों की रचनात्मकता और नवाचार को देखकर सभी ने सराहना व्यक्त की। जिला स्तरीय मूल्यांकन के बाद उत्कृष्ट प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने वाली बच्चियों को पुरस्कार एवं मेडल भी प्रदान किए जायेंगे।

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