गाजियाबाद
भाजपा कार्यकर्ताओं के विवादित वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाया बवाल
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी। हाल ही में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र सिसौदिया के लोनी आगमन के दौरान आयोजित कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए उन्हें पार्टी के सबसे अनुशासित सिपाही बताया था। लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने भाजपा जिलाध्यक्ष के इन दावों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में कुछ युवक जो भाजपा से जुड़े हुए हैं उनकी फेसबुक पर भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओ की पोस्ट नजर आती हैं वहीं उनके द्वारा वीडियो में प्रयुक्त अशोभनीय भाषा, आपत्तिजनक टिप्पणी और गाली-गलौज ने लोनी के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। इस वीडियो के फेसबुक पर सार्वजनिक होते ही स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं में रोष देखने को मिल रहा है।
चर्चाओं के मुताबिक, यह पूरा मामला पार्टी के एक बड़े स्थानीय चेहरे से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि अब तक इस संदर्भ में न तो संबंधित नेता की तरफ से कोई बयान आया है और न ही किसी राजनीतिक संगठन ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।
प्रशासन की चुप्पी ने बढ़ाए सवाल
सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन की चुप्पी लोगों को हैरान कर रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो। इससे राजनीति में अराजकता, अभद्र भाषा और व्यक्तिगत हमलों को बढ़ावा मिलेगा।
लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह महिलाओं और परिवारों पर टिप्पणी किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कई नागरिकों ने यह भी आशंका जताई है कि अगर ऐसे हालात बने रहे तो लोनी की छवि प्रभावित होगी और विकास की जगह विवाद ही चर्चा का विषय बन जाएंगे।
लोनी की साख एक बार फिर दांव पर
लोनी में पिछले कुछ वर्षों में विकास की दिशा में कई कार्य हुए हैं, लेकिन इस प्रकार की घटनाएँ क्षेत्र की पहचान पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। स्थानीय लोगों का मत है कि राजनीति विरोध या मतभेद अपनी जगह है, लेकिन मर्यादा, भाषा और सामाजिक आचरण की सीमाओं का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर
अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो को लेकर पुलिस और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं और क्या किसी प्रकार की जाँच या कार्यवाही की दिशा तय की जाती है।या फिर यह मामला भी राजनीतिक राजनेताओं के संरक्षण के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
लोनी की जनता और राजनीतिक विश्लेषक इस पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में यह वीडियो लोनी की राजनीति में नई खींचतान, आरोप-प्रत्यारोप और आंतरिक विवादों की नई राह खोल सकता है या फिर प्रशासन की सख्ती इसे वहीं रोक देगी — यह आने वाला समय तय करेगा।



