ऊपरघाट के प्रवासी मज़दूर उमेश महतो की मुम्बई में मौत
परिजनों ने शव लाने के लिए सरकार से लगाई गुहार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है. ऐसा कोई महीना या पखवारा नहीं है, जब प्रवासी मजदूरों को लेकर बुरी खबर आती है. एक बार फिर बोकारो जिले के ऊपरघाट स्थित पेंक – नारायणपुर थाना क्षेत्र जुरामना गांव के प्रवासी मजदूर उमेश महतो की मौत की खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार उमेश महतो की शुक्रवार को मुम्बई के ओरंगाबाद में अहले सुबह मौत हो गयी है.वे अपने पीछे दो बच्चे सहित पत्नी को छोड़ गया। उमेश परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था और वह वहां सबस्टेशन में काम करता था.
आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शव लाने में असमर्थ हैं परिजन ।
उमेश महतो की मौत की खबर से परिजनों सहित पूरे गांव में मातम पसर गया है. आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिजन उमेश महतो का शव लाने में असमर्थ है. उन्होंने सरकार से मुम्बई से शव लाने के लिए मदद की गुहार लगायी है. वहीं इस घटना को लेकर प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले नावाडीह प्रखण्ड (ऊपरघाट) निवाशी समाजसेवी भुनेश्वर कुमार महातो संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से शव लाने और उनको कंपनी से उचित मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि रोजगार की तलाश में झारखंड के लोग बाहर जाते हैं. उनकी विभिन्न कारणों से मौत हो जाती है. प्रवासी मजदूरों की मौत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. राज्य सरकार को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने चाहिए, ताकि मजदूरों के पलायन और इस तरह ह्दयविदारक घटनाएं रोके जा सके।



