
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मथुरा। भरतपुर रोड स्थित नगला मेवाती के ग्रामीणों के खाते में कई राज्यों से आई साइबर ठगी की रकम के बाद वह परेशान हैं। कार्रवाई के डर से पुलिस अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। सोमवार को एकजुट होकर ग्रामीण एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से समस्या समाधान की मांग की। ग्रामीण दिलशाद खान गुजरात में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वह छुट्टी पर घर आए थे। इसी बीच उनका वेतन बैंक खाते में आया। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से खाते से पैसा निकालने का प्रयास किया, लेकिन प्रयास विफल हो गया। उनकी यूपीआईडी बैंक अधिकारियों ने बंद कर दी और खाता फ्रीज कर दिया। उन्होंने कृष्णापुरी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा के अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि उनके खाते में विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है। इसी तरह अन्य ग्रामीणों ने अपना खाता चेक किया तो पता चला कि उनका खाता भी फ्रीज किया गया है। हालांकि पुलिस ने अब तक की जांच में करीब आठ बैंक खातों को संदिग्ध मानते हुए 75 लाख रुपये की जानकारी जुटाई है। बाकी खातों की जांच जारी है, लेकिन बैंक खाते बंद होने से ग्रामीण परेशान हैं। दिलशाद के भाई परवेज ने बताया कि वह ग्रामीणों के साथ सोमवार को पुलिस अधिकारियों से मिले और न्याय की मांग की है। इस पर सीओ सिटी का कार्य देख रहे अनिल कपरवान ने उन्हें समस्या समाधान का आश्वासन दिया है।



