मथुरा

मथुरा में शांत हो रहीं श्रीकृष्ण की पटरानी, कम हुआ बाढ़ का पानी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मथुरा। रौद्र रूप में आने के बाद श्रीकृष्ण की पटरानी अब शांत हो रहीं हैं। धीरे-धीरे यमुना का जलस्तर नीचे आ रहा है, लेकिन लोगों की मुसीबतें अभी भी बरकरार हैं। कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम बचाव और राहत कार्य में जुटी है। बाढ़ से प्रभावित लोगों का रेस्क्यू कर राहत शिविरों में भेजा जा रहा है। हालांकि जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। कई गांव टापू बन गए और जयसिंहपुरा, यमुना खादर की दर्जनों कॉलोनियां बाढ़ की चपेट में आ गईं। लोगों के आवागमन के साथ-साथ जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले के अधिकतर क्षेत्रों का बीते एक सप्ताह से यही हाल है। सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई हैं। हालांकि प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम लगातार बचाव कार्य और लोगों की मदद करने में जुटी हुई है। लगातार लोगों का रेस्क्यू कर राहत शिविरों में भेजा जा रहा है और खाद्य सामग्री भी वितरण की जा रही है। हालांकि दो दिन से लगातार यमुना का जलस्तर घट रहा है। बीते 24 घंटे में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 166.00 मीटर से घटकर शनिवार शाम चार बजे 165.65 पर पहुंच गया है, लेकिन दो दिन पहले यह आंकड़ा खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। सिंचाई विभाग अपर खंड के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि शनिवार शाम को हथिनीकुंड से 36615 क्यूसेक और ओखला से 25135 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गोकुल बैराज से 75468 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। दो गुना पानी डिस्चार्ज होने के बाद यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आया है, लेकिन लोगों की मुश्किलें अभी बरकरार हैं। अधिकारी-कर्मचारी लगातार बाढ़ प्रभावितों की मदद कर रहे हैं और सतर्कता भी बरत रहे हैं।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button