
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : आंवला सांसद नीरज मौर्य ने सरकार से आंवला क्षेत्र में कृषि पराली के उपयोग के लिए बड़े बायोगैस संयंत्र की स्थापना, स्थानीय किसानों से अवशेष खरीद के लिए दीर्घकालिक समझौते, जैव उर्वरक को रियायती दर पर उपलब्ध कराने तथा गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार को लेकर प्रश्न किए थे।
मंत्री के उत्तर में बताया गया कि बरेली-बदायूं क्षेत्र में वर्तमान में 3 सीबीजी संयंत्र चालू हैं और 3 निर्माणाधीन हैं। इनमें से एक संयंत्र कृषि अवशेष आधारित है और एचपीसीएल द्वारा स्थानीय किसानों से भूसे की खरीद के लिए समझौते भी किए गए हैं। इसके अलावा जैव उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार 1500 रुपये प्रति टन की दर से बाजार विकास सहायता भी प्रदान कर रही है। हालांकि इन आंकड़ों से यह स्पष्ट नहीं होता कि इन योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ आंवला क्षेत्र के किसानों तक किस स्तर पर पहुंच रहा है।
सांसद नीरज मौर्य का कहना है कि आंवला क्षेत्र में बड़े स्तर पर संयंत्र स्थापना, किसानों की आय में संभावित वृद्धि और गैस पाइपलाइन विस्तार की निश्चित समय-सीमा पर सरकार का उत्तर पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि यदि कृषि अवशेष आधारित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है, तो क्षेत्रीय स्तर पर स्पष्ट योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन आवश्यक है, ताकि किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल सके और प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता हो।



