
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम सरकार के सांस्कृतिक गतिविधि विभाग और असम मोरान सभा के संयुक्त उद्योग में तिनसुकिया जिले के माकुम के हेबेदा गांव स्थित “रजा बदौचा समन्वय क्षेत्र” में कल से प्रारंभ हुए वीर राघव मोरान दिवस के उद्घाटन समारोह में राज्य के जल संसाधन, सूचना और जनसंपर्क आदि विभागों के मंत्री पीयूष हजारिका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम में संबोधन देते हुए मंत्री पीयूष हजारिका ने वीर राघव मोरान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि राघव मोरान केवल मोरान समुदाय के ही नहीं बल्कि समग्र असमिया जाती की स्वाभिमान की प्रतीक हैं। उन्होंने शोषित और पीड़ित जनसमुदाय को एकजुट कर नयी ऊर्जा, साहस और आशा की किरण के साथ सबको प्रेरित किया था। अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाकर उन्होंने अपने देश और समाज की सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया। माओमारी विद्रोह के प्रमुख नेता वीर राघव मोरान को गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मंत्री हजारिका ने कहा कि उनका अदम्य साहस, मनोबल और राष्ट्र-समाज के प्रति असीम प्रेम उन्हें शौर्य और वीरता का प्रतीक बनाता है। ऐसे वीर पुरुषों की गाथाएँ सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।अपने भाषण के दौरान मंत्री हजारिका ने यह भी कहा कि असम सरकार मोरान समुदाय के विकास और कल्याण के लिए अत्यंत निष्ठा और लगन के साथ कार्य कर रही है।



