
झंडे, बैनर और पोस्टर लेकर सैकड़ों किसान पहुंचे जिला मुख्यालय, 15 सूत्रीय मांगों पर सौंपा ज्ञापन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : गाजियाबाद जिला मुख्यालय पर आज किसानों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। यह केवल धरना नहीं, बल्कि किसानों की पीड़ा और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का संगम था। भारतीय किसान यूनियन (अनाज) के नेतृत्व में सैकड़ों किसान रामलीला मैदान, कविनगर से पैदल मार्च करते हुए नारेबाजी के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे। उनके हाथों में झंडे, बैनर और पोस्टर थे, जबकि मटके और हारमोनियम के साथ रागनी की धुनों ने प्रदर्शन को अलग पहचान दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सचिन शर्मा और युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बिन्नु आधान के संयुक्त नेतृत्व में किसानों ने प्रशासन के समक्ष 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रमुख मांगों में फसलों के लिए लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, गन्ना भुगतान समय पर सुनिश्चित करना, बिजली दरों में राहत, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, आवारा पशुओं से फसल सुरक्षा और किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी शामिल रही। इसके अलावा नदियों को प्रदूषण मुक्त करने, अवैध खनन पर रोक लगाने, कृषि उपकरण, खाद, बीज और दवाओं को जीएसटी व ब्याज से मुक्त करने की मांग भी उठाई गई। स्थानीय मुद्दों में मीरपुर हिंदू गांव में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच, आपसी सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण पर रोक और भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को लागू करने की मांग प्रमुख रही।
जिलाधिकारी के अवकाश पर होने के कारण एडीएम प्रशासन ने किसानों से ज्ञापन प्राप्त किया और आश्वासन दिया कि मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि किसानों ने स्पष्ट किया कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध और ठोस कार्रवाई चाहते हैं। प्रदर्शन शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा। नारों के बीच लोकधुनों की गूंज ने यह संदेश दिया कि किसान अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए भी अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। इस अवसर पर दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष संदीप खंडेलवाल, उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह, राष्ट्रीय पदाधिकारी धर्मवीर सिंह, शर्मा यादव, राजेश उपाध्याय, गजब भाटी, निशांत भड़ाना, हरप्रीत सिंह, सरदार नानक सिंह , नरोत्तम शर्मा सहित तीनों प्रदेशों के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहें।


