वैश्विक संकटों में भारत की सक्रिय कूटनीति: आंवला सांसद नीरज मौर्य का सवाल
वैश्विक संकटों में भारत की सक्रिय कूटनीति
युद्धविराम और शांति प्रयासों में भारत की पहल,
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : आंवला सांसद नीरज मौर्य ने अतंरराष्ट्रीय संघर्षों को लेकर सरकार से पूछा था कि इन संघर्षों को समाप्त करने में भारत की भूमिका क्या है, मानवीय संकट को कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं तथा इन घटनाओं के बीच भारत की भविष्य की रणनीति क्या है। विदेश राज्य मंत्री के उत्तर में भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट किया गया कि भारत ने उच्च स्तर पर विभिन्न देशों के नेतृत्व से संवाद स्थापित कर तनाव कम करने, युद्धविराम और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में निरंतर प्रयास किए हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि भारत ने ‘प्रथम सहायता प्रदाता’ की भूमिका निभाते हुए यूक्रेन और गाजा जैसे क्षेत्रों में दवाएं, चिकित्सा उपकरण और राहत सामग्री सहित मानवीय सहायता की कई खेपें भेजीं। सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए अंतर-मंत्रालयी समन्वय तंत्र स्थापित किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के प्रभाव को संतुलित किया जा सके। समुद्री सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना की सक्रिय तैनाती और व्यापारिक मार्गों की निगरानी जैसे कदम भी उठाए गए हैं, जिससे भारत के रणनीतिक हित सुरक्षित रह सकें।


