दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे पर दो पहिया वाहनों का आवागमन शुरू।

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
बिजनौर। मालन नदी का तटबंध टूटने से एनएच-34 बैराज रोड पर चार दिन पहले कई फीट पानी भर गया था। जिस कारण यातायात पुलिस ने एहतियातन इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया था। रविवार को एनएच-34 से पानी पूरी तरह उतर गया है। इसके बाद दोपहिया वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। हाईवे बंद होने से मेरठ, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, शामली और हरियाणा जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अब चांदपुर-गजरौला होकर दिल्ली और मेरठ जा रहे हैं। इससे उन्हें लंबा सफर तय करना पड़ रहा है और खर्च भी अधिक हो रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को हो रही है। जिन्हें मेरठ और दिल्ली के डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है, उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। यातायात प्रभारी नितिन मलिक ने बताया कि मार्ग से पानी उतर गया है और दोपहिया वाहन गुजर रहे हैं। हालांकि, भारी और हल्के वाहनों पर एनएचएआई के अगले आदेश तक रोक जारी रहेगी। गंगा पुल के एक्सटेंशन भाग में आई दरार को लेकर प्रशासन ने तकनीकी जांच की तैयारी शुरू कर दी है। संभावना है कि आईआईटी की विशेषज्ञ टीम जल्द ही मौके पर पहुंचेगी और संरचना की बारीकी से जांच करेगी। प्रशासन का कहना है कि मार्ग की पूरी सफाई और मरम्मत के बाद ही सभी प्रकार के वाहनों के लिए इसे खोला जाएगा। फिलहाल चार पहिया और भारी वाहनों के लिए मार्ग बंद है। गंगा के पुल के बीच दरार आने पर टीम के जांच करने तक चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। दरार सामने आने के बाद से पुल पर यातायात को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टीम जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक मरम्मत या संरचनात्मक बदलाव की सिफारिश करेगी। स्थानीय लोगों और रोजाना पुल से गुजरने वाले यात्रियों में इस दरार को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि यातायात की सुरक्षा प्राथमिकता है और जांच के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।



