एक ही दिन ईद व सरहुल पर्व होना समाजिक सौहार्द व एकता का प्रतीक
Having Eid and Sarhul festivals on the same day is a symbol of social harmony and unity.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
साहिबगंज राजमहल प्रखंड के कल्याणचक रेलवे मैदान में शनिवार को आदिवासी संघर्ष सरना समिति राजमहल एवं तालझारी द्वारा सरहुल पर्व मनाया गया जिसमे मुख्य अतिथि राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा व राजमहल विधायक मो.ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा शामिल हुए।आयोजन समिति ने स्वागत में बुके,सखुआ के फूल व डाली देकर किया गया,साथ ही अंग वस्त्र दे कर सम्मानित किया गया। सरना पर्व के विधि विधान से वृक्ष के नीचे पूजन किया गया,प्रकृति की पूजा के उपरांत नववर्ष के आगमन को लेकर एक दूसरे को गुलाल लगाकर सरहुल पर्व की बधाइयां दी।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। सांसद व विधायक ने कहा कि सरहुल प्राकृति का पर्व है यह पर्व प्राकृति व नए वर्ष के आगमन का प्रतीक है,जिसे हमारे आदिवासी समाज के लोग सखुवा के पेड़ में फूल आने पर सरहुल का पर्व मानते है।ये पर्व जल जमीन से जुड़ा है चुकी यह प्राकृतिक का पर्व है,दोनों ही अतिथियों ने कहा कि ईद पर्व और सरहुल पर्व एक ही दिन आयोजित है यह कहीं ना कहीं सामाजिक एकता एवं सौंदर्य की एक प्रतीक है।सभी समाज एकजुट होकर सभी त्यौहार को आनंदित तरीके से मना रहे हैं और एक दूसरे से खुशियां बांट रहे हैं,यही समाज की खूबसूरती का एहसास दिलाता है,इससे पूर्व जमालपुर गांव में सरहुल का पूजा किया गया,उसके बाद पदयात्रा निकाली गयी जिसमे सरना समुदाय के लोगो द्वारा पारंपरिक नृत्य करते हुए कल्याणचक रेलवे मैदान पहुंचे। इसके बाद सरना पूजा स्थल पर पारंपरिक पूजा किया गया, सांस्कृतिक कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य सहित अन्य कार्यक्रम किया गया,वही मौके पर विधायक प्रतिनिधि सह नपं उपाध्यक्ष मो. मारूफ उर्फ गुड्डू,झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अनिसुर रहमान,जिप सदस्य अब्दुल बारीक शेख,सुखवा उरांव, विकास यादव,अजय दास,दिलीप उरांव,राजेश बाड़ा,माही टोप्पो, संतलाल तिग्गा,काशी उरांव,मशीह टुडू,सुनीता सोरेन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



