
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
बड़ौत के कोताना रोड स्थित मेडिसिटी हॉस्पिटल में पिछले 5 महीनों से हर सोमवार अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. अजय प्रजापति (MBBS, MS, MCh) आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वहीं, वे पिछले 8 महीनों से “मेक्स” में भी अपनी सेवाएं देकर गंभीर मरीजों को नया जीवन प्रदान कर रहे हैं।
इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र मलानिया ने उनसे एक विशेष बातचीत की, जिसमें उन्होंने न्यूरोसर्जरी, आधुनिक चिकित्सा और ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर खुलकर अपने विचार रखे।
सवाल-जवाब (इंटरव्यू)
सवाल: सबसे पहले, अपने बारे में और अपनी यात्रा के बारे में बताइए।
डॉ. अजय प्रजापति:
मेरी शुरुआत एक सामान्य मेडिकल स्टूडेंट के रूप में हुई, लेकिन हमेशा से मेरा झुकाव जटिल और चुनौतीपूर्ण चिकित्सा क्षेत्र की ओर था। इसी वजह से मैंने न्यूरोसर्जरी को चुना। यह क्षेत्र कठिन जरूर है, लेकिन जब आप किसी मरीज को गंभीर हालत से बाहर निकालते हैं, तो जो संतोष मिलता है, वह अनमोल होता है।
सवाल: बड़ौत जैसे क्षेत्र में न्यूरोसर्जरी सेवाएं देना कितना चुनौतीपूर्ण है?
डॉ. अजय प्रजापति:
बिल्कुल चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यही मेरी प्राथमिकता भी है। छोटे शहरों और कस्बों में आज भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। मरीजों को दिल्ली या बड़े शहरों की ओर भागना पड़ता है। मेरा प्रयास है कि उन्हें यहीं पर बेहतर और समय पर इलाज मिल सके। मेडिसिटी हॉस्पिटल में सोमवार को नियमित सेवा देने का उद्देश्य भी यही है।
सवाल: न्यूरोसर्जरी से जुड़ी सबसे आम समस्याएं क्या देखने को मिलती हैं?
डॉ. अजय प्रजापति:
आजकल सबसे ज्यादा केस ब्रेन हेमरेज, स्पाइनल इंजरी, स्लिप डिस्क, ब्रेन ट्यूमर और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े आते हैं। खासकर युवाओं में मोबाइल और गलत लाइफस्टाइल के कारण गर्दन और रीढ़ की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
सवाल: क्या समय पर इलाज से इन बीमारियों से बचा जा सकता है?
डॉ. अजय प्रजापति:
बिल्कुल। अगर मरीज शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करे तो बड़ी सर्जरी से भी बचा जा सकता है। उदाहरण के तौर पर—
लगातार सिर दर्द
हाथ-पैरों में झनझनाहट
कमजोरी या चक्कर
इन लक्षणों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
सवाल: आपके अनुभव में सबसे चुनौतीपूर्ण केस कौन सा रहा?
डॉ. अजय प्रजापति:
हर केस अपने आप में चुनौती होता है, लेकिन कई बार ऐसे मरीज आते हैं जिनकी हालत बहुत गंभीर होती है। एक केस में मरीज को गंभीर ब्रेन इंजरी थी, परिवार ने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन सफल सर्जरी के बाद वह सामान्य जीवन जी रहा है। ऐसे पल ही हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
सवाल: ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए आपका क्या संदेश है?
डॉ. अजय प्रजापति:
सबसे जरूरी है जागरूकता। छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर से संपर्क करें। और झोलाछाप डॉक्टरों से बचें, क्योंकि गलत इलाज स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
सवाल: मेडिसिटी हॉस्पिटल में आपकी सेवाओं का क्या शेड्यूल है?
डॉ. अजय प्रजापति:
मैं पिछले 5 महीनों से हर सोमवार मेडिसिटी हॉस्पिटल, कोताना रोड बड़ौत में उपलब्ध रहता हूं। यहां न्यूरोसर्जरी से संबंधित सभी जांच और परामर्श की सुविधा दी जाती है।
सवाल: भविष्य की आपकी क्या योजनाएं हैं?
डॉ. अजय प्रजापति:
मेरा लक्ष्य है कि छोटे शहरों में भी बड़े शहरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। आने वाले समय में और बेहतर तकनीक और सुविधाओं के साथ मरीजों को राहत देने का प्रयास रहेगा।
इस विशेष बातचीत में डॉ. अजय प्रजापति ने यह स्पष्ट कर दिया कि अगर विशेषज्ञ डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दें, तो हजारों लोगों को समय पर जीवनदान मिल सकता है।
सुरेंद्र मलानिया के साथ यह साक्षात्कार न केवल चिकित्सा क्षेत्र की सच्चाई को सामने लाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समर्पण और सेवा भावना से किसी भी क्षेत्र में बदलाव लाया जा सकता है।



