
नई दिल्ली। ईरान ने सोमवार को नवीनतम युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि वह युद्ध का स्थायी अंत चाहता है। यह जानकारी ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने दी। यह खबर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेहरान को होर्मुज जलडमरुमध्य खोलने के लिए ईरान को दी गई समयसीमा नजदीक आने से ठीक पहले आई है।
ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह या तो निर्धारित समयसीमा के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोले या बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले का सामना करने के लिए तैयार रहे। समाचार एजेंसी ने बताया कि ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को अपना जवाब दे दिया है। काहिरा स्थित ईरानी राजनयिक मिशन के प्रमुख मोजतबा फरदौसी पोर ने सोमवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि हम केवल युद्धविराम स्वीकार नहीं करेंगे। हम युद्ध की समाप्ति तभी स्वीकार करेंगे जब यह गारंटी दी जाए कि हम पर दोबारा हमला नहीं किया जाएगा। फरदौसी पोर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरानी और ओमानी अधिकारी जहाजरानी के इस महत्वपूर्ण मार्ग के प्रशासन हेतु एक तंत्र विकसित करने पर काम कर रहे हैं। ईरान द्वारा युद्धविराम प्रस्ताव खारिज किए जाने से पहले इजराइल ने आज ईरान के विशाल ‘साउथ पार्स’ प्राकृतिक गैस क्षेत्र में स्थित अहम पेट्रो-संयंत्र पर हमला किया। इजराइली हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक शीर्ष कमांडर की मौत हो गई। इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस हमले की पुष्टि की। उन्होंने इसे ”ईरान के सबसे बड़े पेट्रो-रसायन प्रतिष्ठान पर एक भीषण हमला” बताया। इस संयंत्र से ईरान का करीब 50 प्रतिशत पेट्रो-रसायन उत्पादन होता है।
इजराइल के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादाव शोशानी ने कहा कि बातचीत आगे बढ़ने के बीच ईरान को ”कोई छूट नहीं” मिलेगी। साउथ पार्स गैस क्षेत्र दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है। हमले के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस ने तत्काल कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि, बुधवार के बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में ट्रंप सोमवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर के समय पत्रकारों से बात करने वाले हैं। ईरान में गिराए गए अमेरिकी विमान के पायलटों को बचाने के अभियान के दौरान वह अपेक्षाकृत शांत रहे थे।



