कैराना

टोल प्लाजा के पास तेज रफ्तार बाइक का कहर

गेहूं कटाई पर जा रही विधवा महिला की मौत, बेटी गंभीर

एम्बुलेंस घायलों को हरियाणा के नजदीकी अस्पताल की बजाय कैराना लाई, समय पर इलाज न मिलने से गई महिला की जान

आखिर एनएचएआई की एम्बुलेंस हर बार घायलों को कैराना ही क्यों लाती है?

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।

कैराना। सनौली टोल प्लाजा के पास गुरुवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में गेहूं कटाई के लिए जा रही एक विधवा महिला की मौत हो गई, जबकि उसकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद एनएचएआई की एम्बुलेंस दोनों को कैराना सीएचसी लेकर पहुंची, जहां महिला को मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद एनएचएआई की एम्बुलेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, मोहल्ला दरबार खुर्द निवासी प्रेमो (45) पत्नी स्वर्गीय जयचंद गुरुवार सुबह अपनी पुत्री पिंकी (25) के साथ हरियाणा के गांव रामड़ा में गेहूं कटाई की मजदूरी के लिए जा रही थी। जब मां-बेटी सनौली टोल टैक्स के पास सड़क पार कर रही थीं, तभी पीछे से तेज रफ्तार आ रही एक अज्ञात बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे में बाइक सवार भी घायल हो गया। मौके पर मौजूद एनएचएआई की एम्बुलेंस ने घायलों को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैराना पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने प्रेमो को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल पिंकी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया जाता है कि मृतक महिला के परिवार में चार बेटियां हैं और पति का पहले ही निधन हो चुका है। मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण चल रहा था। मां की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उधर, हादसे के बाद हरियाणा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हादसे के बाद एक बार फिर एनएचएआई की एम्बुलेंस व्यवस्था कटघरे में आ गई है। लोगों का कहना है कि यदि गंभीर घायल मां-बेटी को हरियाणा के नजदीकी सनौली अस्पताल में तुरंत उपचार मिल जाता, तो शायद प्रेमो की जान बच सकती थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हरियाणा क्षेत्र में दुर्घटना होने के बावजूद एनएचएआई की एम्बुलेंस घायलों को बार-बार कैराना सीएचसी ही लेकर आती है, जबकि घटनास्थल से बेहद कम दूरी पर सनौली का स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है। समय पर प्राथमिक उपचार न मिलने के कारण कई घायलों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद एनएचएआई की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिखाई दे रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब घटनास्थल के करीब हरियाणा का अस्पताल मौजूद है, तो आखिर एनएचएआई की एम्बुलेंस घायलों को कैराना क्यों लाती है? क्या लापरवाही और अव्यवस्था के कारण लोगों की जान यूं ही जाती रहेगी?

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