
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा हसनपुर तहसील क्षेत्र के देहरी गुर्जर गांव निवासी सोहित पुत्र मुनिपाल सिंह ने जिलाधिकारी महोदय को एक लिखित आवेदन देकर निजी स्कूलों में चल रही महंगाई और जबरन सामान खरीदने की व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की है।
आवेदन में सोहित ने बताया कि उनकी बेटी माही ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया था, जिसमें उसने जिलाधिकारी से अपील की थी कि “हर किसी के मां-बाप अमीर नहीं होते, कृपया किताबों का प्राइस कम करवा दीजिए”। वीडियो के बाद जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे और सोहित का बयान लिया।
अभिभावक सोहित ने लिखा है, “मैं एक पिता होने के नाते सभी अभिभावकों की ओर से मांग करता हूं कि निजी स्कूलों में चल रही मोल-भाव जैसी व्यवस्था को खत्म किया जाए। स्कूल केवल शिक्षा पर ध्यान दें। ड्रेस, किताबें, जूते, मोजे सब स्कूल में ही बिक रहे हैं और अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे स्कूल से ही सामान खरीदें। इससे अभिभावकों को स्वतंत्र रूप से कहीं से भी सामान खरीदने का अधिकार छीन लिया जा रहा है।”
उन्होंने आगे मांग की कि:
स्कूलों द्वारा बेची जाने वाली हर वस्तु पर होने वाली कमिशनखोरी पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए।
हर साल एडमिशन के नाम पर अलग से चार्ज वसूलने की प्रथा बंद की जाए।
फीस का एक मानक निर्धारित किया जाए ताकि महंगी फीस के कारण गरीब मां-बाप अपने बच्चों को स्कूल न भेज सकें।
सोहित ने जिलाधिकारी महोदय से आग्रह किया, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप मेरी इन मांगों पर निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे।”



