गाजियाबाद
धमकियों के साये में हिन्दू रक्षा दल
अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल, NIA जांच की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : शालीमार गार्डन में स्थित हिन्दू रक्षा दल कार्यालय में शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में संगठन के अध्यक्ष पिंकी चौधरी और अन्य पदाधिकारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जाहिर कीं। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ समय से उन्हें इस्लामिक कट्टरपंथी तत्वों द्वारा जान से मारने, गला काटने और कार्यालय को बम से उड़ाने जैसी लगातार धमकियां मिल रही हैं।
संगठन के अनुसार, इन धमकियों के संबंध में कई बार पुलिस प्रशासन को शिकायतें दी गईं और मामले दर्ज भी हुए, लेकिन अब तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से ठोस कदमों की कमी से खतरा लगातार बना हुआ है।
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि हाल ही में लखनऊ में गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ के दौरान हिन्दू रक्षा दल कार्यालय और अध्यक्ष पिंकी चौधरी का नाम कथित तौर पर उनकी हिट लिस्ट में सामने आया है। यह जानकारी 17 अप्रैल को राष्ट्रीय मीडिया में प्रकाशित होने के बाद स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है।
संगठन ने गाजियाबाद को अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र बताते हुए कहा कि यहां हिंडन एयरबेस, एयरपोर्ट, अस्पताल, स्कूल और घनी आबादी वाले इलाके मौजूद हैं। ऐसे में किसी भी आतंकी घटना का असर व्यापक स्तर पर पड़ सकता है और आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में आ सकती है।
हिन्दू रक्षा दल ने प्रशासन से मांग की है कि कार्यालय के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच की जाए तथा मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तुरंत लागू की जाए। साथ ही केंद्र सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की अपील की गई है।
संगठन मंत्री अमित प्रजापति ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा जताया है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी रेकी किए जाने की जानकारी भी प्रशासन को दी जा चुकी है।
प्रेस वार्ता के अंत में अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने स्पष्ट कहा कि संगठन अपने सामाजिक और धार्मिक कार्यों को किसी भी हालत में बंद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि वे किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं हैं और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए और कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


