
बांकुरा। पीएम मोदी आज पश्चिम बंगाल के बांकुरा में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने टीएमसी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा, उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर दोनों दलों को महिला विरोधी बताया है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी के गुंडों को 4 मई से पहले आत्मसमर्पण करने का आखिरी मौका है।
पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में आज प्रधानमंत्री मोदी राज्य के बांकुरा में जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने राज्य की सत्ताधारी दल टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी की ‘निर्मम सरकार’ के खिलाफ लोगों के गुस्से में जोश झलक रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भाजपा महिला सशक्तिकरण, उनकी सुरक्षा और संरक्षा का पर्याय है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि देश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक महिलाएं राजनीति में शामिल हों।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि 2029 में महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक पारित होने से रोकने के लिए टीएमसी ने कांग्रेस के साथ साजिश रची, उन्हें कांग्रेस द्वारा दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीएमसी और कांग्रेस दोनों आदिवासी विरोधी हैं, और राष्ट्रपति चुनाव के दौरान द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ उम्मीदवार खड़े किए थे। टीएमसी, जो घुसपैठियों को फायदा पहुंचाने के लिए हर कानून तोड़ती है और धर्म के आधार पर आरक्षण देती है, महिला सशक्तिकरण का विरोध करती है। टीएमसी कुर्मी समुदाय की शिकायतों को नहीं सुनती, बल्कि अपने वोट बैंक को आरक्षण देना चाहती है।
‘टीएमसी के गुंडों को आत्मसमर्पण करने का आखिरी मौका’
जनसभा में पीएम मोदी ने कहा कि मैं टीएमसी के गुंडों को चुनाव से पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का आखिरी मौका देता हूं, क्योंकि 4 मई को परिणाम आने के बाद किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि इस साल के बंगाल चुनाव ऐतिहासिक होंगे क्योंकि जनता टीएमसी के ‘भय’ को खत्म करेगी और भाजपा के ‘भरोसे’ को जनादेश देगी। बांकुरा में चुनावी रैली में मोदी ने कहा कि अगर बंगाल में भाजपा सत्ता में आती है, तो वह पीएमएवाई के तहत महिलाओं को घर बनाने के लिए 1.5 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करेगी।
बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए इस बार मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है। टीएमसी जहां चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।



