पाकुड़ में मलेरिया के मामलों में कमी, रोकथाम उपायों का सकारात्मक असर
Pakur sees decline in malaria cases, positive impact of preventive measures

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा एवं अमड़ापाड़ा प्रखंड क्षेत्रों में इस वर्ष मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह गिरावट पिछले वर्ष की तुलना में अधिक प्रभावी रूप से लागू किए गये बचाव और नियंत्रण उपायों का परिणाम है। सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान, दवा छिड़काव और जांच शिविरों का आयोजन किया गया, जिससे मलेरिया के प्रसार पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से सतर्कता बढ़ाई गई और लोगों को मच्छरों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि प्रत्येक वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इसी के तहत जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर मलेरिया से बचाव, पहचान और उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य भविष्य में मलेरिया से जुड़े किसी भी संभावित खतरे को न्यूनतम करना है। ग्राम सभाओं के माध्यम से भी लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, जल जमाव से बचने और मच्छरदानी के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी और सतत प्रयासों से आने वाले समय में मलेरिया पर और अधिक प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इस दौरान डॉ केके मंडल और डॉ अमीत कुमार ने भी अहम जानकारी साझा किया।



